शासन-प्रशासन के तमाम प्रयास किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। सहारनपुर जनपद में सिर्फ देवबंद चीनी मिल ने ही गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान किया है। जबकि अन्य पांच चीनी मिलों पर 428 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य बकाया है। भुगतान में सबसे पीछे गांगनौली और गागलहेड़ी चीनी मिल को जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने जल्द भुगतान करने का नोटिस जारी किया है।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराना गन्ना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। जनपद की सभी छह चीनी मिलों ने इस बार 183805 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा है। इसमें से चीनी मिलों ने अब तक मात्र 140982 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया है। जनपद में अब तक गन्ना मूल्य का मात्र 76.70 प्रतिशत ही भुगतान हुआ है। जनपद की सिर्फ देवबंद चीनी मिल ने ही पूरा गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। जिले में सबसे अधिक 224 करोड़ रुपया बकाया गांगनौली चीनी मिल पर है। गागलहेडी मिल पर 82.60 करोड़ रुपये, शेरमऊ पर 32.95 करोड़ रुपये, नानौता पर 53.88 करोड़ रुपये और सरसावा चीनी मिल पर 34.03 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के अवशेष हैं।
भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष चौधरी प्रदीप नंबरदार, भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता चौधरी अशोक कुमार आदि का कहना है कि पूरा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। फसलों में लागत लगाने के साथ ही रोजमर्रा के खर्च को पूरा करने में भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने भुगतान में जनपद में सबसे पीछे चल रही गांगनौली और गागलहेडी चीनी मिलों के प्रबंधकों को नोटिस भेजकर भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अन्य चीनी मिलों को भी बकाया भुगतान जल्द करने के लिए निर्देशित किया गया है। उम्मीद है कि इससे भुगतान में तेजी आएगी। - डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी