पुलिस ने बताया कि अशोक राठी नकुड़ तहसील में संग्रह अमीन के पद पर तैनात थे। मूलरूप से नकुड़ के गांव खारीबांस निवासी अशोक राठी करीब दो साल से सरसावा में परिवार के साथ रह रहे थे। पहले सरसावा की टीचर कॉलोनी में रहते थे। बाद में कौशिक विहार कॉलोनी में अपने गांव के ही मांगेराम का मकान किराये पर लिया। वे ऊपर वाले तल पर रहते थे, जबकि नीचे वाला तल खाली था। अशोक राठी की बहन पिंकेश सावन विहार कॉलोनी में रहती है।
मंगलवार सुबह पिंकेश ने अशोक के मोबाइल पर कॉल की, जो कि रिसीव नहीं हुई। इसके बाद पिंकेश ने अपने बेटे प्रीत को भाई के घर भेजा। प्रीत को मामा के घर का दरवाजा बंद मिला। इसके बाद प्रीत ने अपने पिता जयवीर को सूचना दी। दोनों ने सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया और रसोई की खिड़की तोड़कर दरवाजा खोला।
अंदर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अंदर सभी के शव बिस्तर पर पड़े थे। अशोक राठी के सीने और कनपटी में गोली लगी थी, जबकि बाकी के माथे पर सटाकर गोली मारने के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने में भी गोली लगने की पुष्टि हुई है। अशोक राठी के पास से तीन देसी पिस्टल मिली हैं। मौके पर आठ से दस कारतूस के खोखे मिले हैं। डीआईजी अभिषेक सिंह, डीएम मनीष बंसल, एसएसपी आशीष तिवारी ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
सरसावा पहुंचे सांसद इमरान मसूद।
- फोटो : अमर उजाला
देर रात हुआ शवों का अंतिम संस्कार।
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ये बोले डीआईजी
जांच में सामने आया है कि अशोक ने पहले परिवार के सदस्यों को गोली मारी। इसके बाद खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिवार के सदस्यों को एक-एक गोली माथे में और सीने में भी गोली मारी थी। घटनाक्रम की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। अवसाद ही इसका कारण माना जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है।
- अभिषेक सिंह, डीआईजी
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