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Saharanpur News: कर्ज लेकर पहले घी पिया.. अब बैंकों को पिला रहे पानी

Fri, 19 Dec 2025 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। रोजगार शुरू करना हो या फिर सपनों को पूरा करना हो। लोगों ने बैंकों में ऋण के लिए आवेदन किया। बैंकों ने भी खूब ऋण वितरित किए। अब नोटिस देने के बाद भी लोग बैंकों से लिया ऋण वापस नहीं कर रहे। ऐसे में कर्ज लेकर घी पीने वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। जिलेभर के बैंकों के करीब 1.31 खाताधारकों पर 1876 करोड़ रुपये का ऋण एनपीए(नॉन परफार्मिंग एसेट) हो गया है।
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जिले में करीब 42 बैंकों की ब्रांच है। इन बैंकों से एमएसएमई, किसान क्रेडिट कार्ड, कार, होम लोन समेत अन्य योजनाओं के लिए भी ऋण दिए जाते हैं। एमएसएमई और व्यापार शुरू करने के लिए कई सरकारी योजनाओं भी संचालित हो रही है। इनमें कम ब्याज पर ऋण दिया जाता है। इन योजनाओं व बैंकों की ओर से मिलने वाली छूट को देखते हुए लोग ऋण तो ले रहे हैं, लेकिन उन्हें वापस नहीं कर रहे हैं। ऐसे में जब अब वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र साढ़े तीन माह बचे हैं, तो बैंकों का जोर ऋण वसूली पर है। बैंकों के अधिकारी लोन न जमा करने वाले खातों धारकों को नोटिस भी दे रहे हैं। साथ ही अपील भी कर रहे है, लेकिन कोई लाभ होता नहीं दिख रहा है।

- यह होता है एनपीए

एनपीए का मतलब नॉन परफॉर्मिंग एसेट है। इसका अर्थ है कि ऐसा लोन जो 90 दिन या उससे अधिक समय से बकाया है। जब कोई ऋणी 90 दिनों तक कोई ब्याज या मूलधन का भुगतान नहीं करता तो, बैंक उस लोन को एनपीए घोषित कर देता है। मतलब उससे कोई आय बैंक को प्राप्त नहीं हो रही है।
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- एमएसएमई खातों के 26 हजार खातों पर 245 करोड़ बकाया

सूक्ष्म, लघु और मध्ययम उद्योग को शुरू करने के लिए बैंक सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराते हैं। बैंकों के 26 हजार खातों पर करीब 245 करोड़ रुपये ऋण एनपीए हो गया है। इसी तरह कृषि, किसान क्रेडिट कार्ड समेत अन्य मदों का ऋण 1,090 करोड़ रुपये का ऋण एनपीए हैं।

- किस बैंक का कितना ऋण बकाया

बैंक-खाताबकाया राशि(करोड़ में)

एसबीआई-12066176

पीएनबी-31779462.28

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया1112-352.97

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया11808-220.66

बैंक ऑफ बड़ौदा3325-27.98

बैंक ऑफ इंडिया3235-40.86
-वर्जन
बैंक लोगों का जीवन स्तर उठाने और आर्थिक मदद के लिए ऋण देते हैं। कई बार विभिन्न कारणों से ऋण एनपीए हो जाता है। सभी खाताधारक अपने ब्याज का भुगतान समय से करें। इससे उन्हें आगे परेशानी नहीं आएगी। साथ ही बैंक भी ऋण वसूली में तेजी लाए। बैंक व्यवसाय ऋण को सीजीटीएमएमई के तहत कवर करें।
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- कृशानु दास, लीड बैंक मैनेजर।
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