छुटमलपुर की प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार बहाल
छुटमलपुर। अनियमितताओं के आरोप के चलते पांच माह पूर्व छुटमलपुर की प्रधान के सीज किए गए प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने पर बहाल कर दिए हैं। इसी के साथ विकास कार्यों के संचालन के लिए गठित की गई समिति भी निष्प्रभावी हो गई है।
सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति स्वेच्छा से करने तथा उन्हे नगद भुगतान करने, दो सफाई कर्मियों के दो साल से कार्य नहीं करने के बाद भी मस्टरोल पर उनके हस्ताक्षर होकर वेतन निकलने तथा पेट्रोल पंप मार्केट के सामने वाली कॉलोनी में नाले-नाली की नियमित सफाई न होने की शिकायत की गई थी। जिला पूर्ति अधिकारी, अधिशासी अभियंता प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और खंड विकास अधिकारी मुजफ्फराबाद की जांच टीम ने प्रथम दृष्टया इन शिकायतों को सही पाया। इसके बाद प्रधान को नोटिस जारी किया गया। जवाब मिलने के बाद जिला अधिकारी ने ग्राम प्रधान शमा प्रवीन के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्सीय समिति गठित कर दी थी। डीएम के इस निर्णय को शमा प्रवीन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। न्यायालय ने तीन सप्ताह में इस प्रकरण के निपटारे के आदेश जारी किए थे। इसमें प्रधान के पक्ष को फिर से सुना गया।
जांच अधिकारी की आख्या और प्रधान के स्पष्टीकरण के बाद जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के अधिकार बहाल करते हुए गठित समिति को निष्प्रभावी कर दिया। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि फैजान मिर्जा ने डीएम के आदेश उनके पक्ष में आने को सच्चाई की जीत बताया। उनका कहना है कि वे पूरी ईमानदारी के साथ छुटमलपुर के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं।