सहारनपुर। वित्तीय अनियमितता और लापरवाही को लेकर कुछ ग्राम प्रधानों की जांच तो शुरू हुई, लेकिन जांच अधिकारी उन्हें लंबे अरसे से दबाकर बैठे हैं। हालात यह है कि अक्तूबर 2022 में जो जांच सौंपी गई वह आज तक पूरी ही नहीं हुई।
20 मई 2026 को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में यह मामला एक बार फिर से गरमाया है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 18 जांच अधिकारियों का मार्च माह का वेतन रोक दिया। इसके साथ ही एक सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी के इन आदेशों के बाद जहां जांच अधिकारियों में खलबली मची है, वहीं ग्राम प्रधानों में भी बेचैनी बढ़ गई है।
n इस तरह के हैं आरोप : प्रधानों पर वित्तीय अनियमितता और लापरवाही के आरोप हैं। इनमें मानक के अनुरूप गांव में विकास कार्य नहीं कराया गया। कहीं विकास कार्य में कम खर्च कर अधिक बजट दर्शाया गया।