सहारनपुर में बारिश के बाद बढ़ चुके बुखार, मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कागजी घोड़े दौड़ाने में माहिर स्वास्थ्य विभाग बुखार से निपटने की बजाय आंकड़ों की बाजीगरी में जुटा है।
अब तक सहारनपुर में जानलेवा बुखार की चपेट से 61 मौतें हो चुकी हैं, मगर सरकारी आंकड़े एक भी मौत को नहीं मान रहे हैं। आलम यह है कि शहर से लेकर देहात तक मच्छरों का प्रकोप है और एंटी लार्वा के नाम पर भी अब आंकड़ेबाजी ही की जा रही है।
बुखार के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में एक-एक बेड पर दो मरीज और बरामदे तक में बिस्तर लग गया है। उधर, निजी अस्पताल डेंगू का इलाज चल रहा है, मगर सरकारी तंत्र के डर से कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
बारिश से मच्छरों का प्रकोप बढ़ते ही देवबंद, गंगोह, रामपुर, बेहट सहित पूरे जिले में बुखार, मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू ने पांव पसारे और अब यह पूरी तरह से जानलेवा हो चुका है। जिले में अब तक सबसे ज्यादा मौतें देवबंद में हुई हैं। यहां 35 मौतें हो चुकी हैं और सैकड़ों लोग इसकी चपेट में हैं।