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महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने टीका लगवाने से मना किया

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जिला अस्पताल में टीकाकरण स्थल पर को वैक्सीन का टीका लगवाने पहुंचे आंगनवाड़ी को जागरूक करते चिकि? - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। कोरोना का टीका पहली बार लगाया गया। ऐसे में महिला स्वास्थ्यकर्मी खासकर आंगनबाड़ी, एएनएम और आशाएं डरी रहीं। एसबीडी जिला अस्पताल में टीका लगवाने के लिए बुलाई गई उक्त महिलाओं ने साफ मना कर दिया। उनमें यह भ्रम था कि टीका लगवाने से कोई गंभीर रिएक्शन ना हो जाए। इसका पता चलते ही अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर उनकी सामूहिक काउंसिलिंग करनी पड़ी।
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एसबीडी जिला अस्पताल के एमआरआई बिल्डिंग के सामने वेटिंग हॉल बनाया गया था, जहां सभी स्वास्थ्यकर्मियों को इकट्ठा किया गया था। इनमें ज्यादातर आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम शामिल रहीं, जब उनको टीका लगवाने के लिए भीतर जाने को कहा गया तो कई महिलाओं ने टीका लगवाने से मना कर दिया।
इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद डब्ल्यूएचओ की टीम के अलावा बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि ने मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्यकर्मियों को समझाया। स्वास्थ्यकर्मियों को बताया कि पहला टीका सीएमओ को लगा है और वह स्वस्थ हैं, किसी तरह की दिक्कत नहीं हुुई है। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवाने पर राजी हुईं। जिला महिला अस्पताल समेत अन्य केंद्रों पर भी कुछ स्वास्थ्यकर्मी डरे नजर आए। मगर जब टीका लगना शुरू हुआ तो फिर उनकी हिम्मत बढ़ती चली गई।
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सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरे स्वास्थ्यकर्मी
सहारनपुर। टीका लगवाने के लिए केंद्रों पर पहुंचे स्वास्थ्यकर्मियों की केंद्रों पर प्रवेश के बाद सबसे पहले सत्यापन किया गया। मोबाइल एप के जरिए उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर चेक किया गया, साथ ही वहां पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों की सूची भी थी, जिसमें उनके नाम का मिलान किया गया। बता दें कि सभी स्वास्थ्यकर्मियों का पंजीकरण पहले से हुआ है। टीका लगने के बाद सभी को आधा घंटे के लिए निगरानी में रखा गया। इसके लिए अलग से कक्ष बनाया गया था। आधा घंटे की निगरानी के बाद स्वास्थ्यकर्मियों को घर भेजा गया।
पर्यवेक्षण के लिए टीमें रहीं अलर्ट
सहारनपुर। जिला अस्पताल में टीकाकरण केंद्र पर फिजीशियन की टीम भी अलर्ट रही। जिन लोगों को टीका लगवाया गया, उन्हें एक कक्ष में पर्यवेक्षण के लिए करीब 30 मिनट बैठाया गया। पास ही एक कक्ष में ऑक्सीजन सिलिंडर, दवाएं और अन्य जरूरी सामान रखे गए। इसके अलावा केंद्र के बाहर एंबुलेंस भी रिजर्व में रखी गई। ताकि टीका लगवाने पर किसी की तबीयत बिगड़ने पर उसे संभाला जा सके, मगर इसकी जरूरत नहीं पड़ी।
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