सहारनपुर। शुक्रवार की पूर्वाह्न करीब 11 बजे एक महिला पार्षद ने नगरायुक्त कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं दो कर्मचारियों पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी की। जिसे लेकर नगर निगम में दिन भर चर्चा रही।
शुक्रवार को दो महिला पार्षद नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह से मिलने उनके कार्यालय पहुंची थी। मगर नगरायुक्त उस समय दफ्तर में नहीं थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर बाद एक युवक आया जो नगरायुक्त कार्यालय का दरवाजा खोलकर सीधा अंदर घुसने लगा। चूंकि नगरायुक्त कार्यालय में नहीं थे। ऐसे में गेट पर तैनात कर्मचारियों ने उसे अंदर जाने से रोक दिया। आरोप है कि इसके बाद वहीं बैैठी महिला पार्षद का पारा चढ़ गया और उसने कर्मचारियों को भला बुरा कहना शुरू कर दिया, क्योंकि नगरायुक्त कार्यालय में प्रवेश की कोशिश करने वाला युवक पार्षद का भाई था। आरोप है कि पार्षद ने ऐसी भाषा का भी इस्तेमाल किया, जिससे माहौल बिगड़ सकता था। खासकर ऐसी स्थिति में जब दिल्ली, देवबंद और तमाम जगहों पर स्थिति ठीक नहीं है। पार्षद यहीं पर नहीं रुकी। उसने दोनों कर्मचारियों के फोटो अपने मोबाइल में लिए और कार्रवाई कराने की धमकी भी दी। महिला पार्षद के व्यवहार को लेकर दोनों कर्मचारी आहत हैं। अन्य कर्मचारियों ने भी पार्षद के रवैये की निंदा की है। मामला दिन भर चर्चाओं में रहा। उधर, पार्षद मंसूर बदर का कहना है कि वह और उनके साथी पार्षद लगातार प्रशासन के साथ मिलकर शहर की फिजा को खराब होने से बचाने में जुटे हैं। वहीं एक जिम्मेदार पार्षद कर्मचारियों पर भड़काऊ टिप्पणी कर माहौल खराब कर रही हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
पार्षद की ओर से कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो यह ठीक नहीं है। पार्षद एक जिम्मेदार व्यक्ति होता है जिससे ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती है। मामले की जांच कराई जाएगी।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।