सेवाराम धारिया की हत्या के बाद मौके पर जमा परिजन व क्षेत्रवासी
सहारनपुर। मोहल्ला गाडो का चौक में कारोबारी सेवाराम धारिया की हत्या के बाद कई सवाल सामने आ रहे हैं। सेवाराम धारिया करीब 45 साल से ब्याज पर रुपये देने का काम कर रहे थे, जिसे भी रुपयों की जरूरत होती थी वह जेवरात आदि उनके पास रखकर ब्याज पर रुपये ले लेता था।
सेवाराम उसी मकान में जेवरात और नकदी भी रखते थे। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जिस तरीके अलमारी तोड़ी गई है और वहां पर न नकदी मिली और न ही जेवरात, इससे लग रहा है कि लूट के विरोध में हत्या हो सकती है। क्योंकि जो व्यक्ति ब्याज पर रुपये देने का काम करता हो और घटनास्थल पर उसके पास एक भी रुपया नहीं मिला। ऐसे में लूट की तरफ इशारा हो रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले भी इसी मकान में लूट का प्रयास हुआ था, लेकिन बदमाश सफल नहीं हो सके थे। उस समय भी सेवाराम के साथ मारपीट की गई थी। फिलहाल पुलिस हर बिंदु पर गहनता से जांच में जुटी हुई है।