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गन्ना मूल्य को तरस रहे किसान, मात्र 59 फीसदी ही हुआ भुगतान

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सहारनपुर। जनपद की शुगर मिलें समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रहीं हैं। जिले की चीनी मिलों ने अब तक गन्ना मूल्य का 59.28 प्रतिशत ही भुगतान किया है। जिले की शुगर मिलों पर किसानों के 404 करोड़ रुपये बकाया हैं।
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गन्ना विभाग समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहा है। इसके चलते जनपद की देवबंद शुगर मिल को छोड़कर अन्य सभी पांचों चीनी मिलों पर करीब 404 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य अवशेष है। जिले में गन्ना मूल्य भुगतान में सबसे पीछे गांगनौली शुगर मिल चल रही है। इसका भुगतान प्रतिशत मात्र 4.72 ही है। गन्ना क्रय अधिनियम के अनुसार गन्ना मिल में सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का भी प्रावधान है, लेकिन किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान ही मिल पा रहा है और न ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज। गांव बिड़वी के किसान सुधीर कुमार, चौरा खुर्द के महक सिंह और अहमदपुर के नवाब सिंह आदि का कहना है कि समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। गन्ना विभाग को बकाया भुगतान कराने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
जिले में सिर्फ देवबंद शुगर मिल ही समय से गन्ना मूल्य भुगतान कर रही है। भुगतान में सबसे पीछे गांगनौली चीनी मिल चल रही है। बकाया गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान कराने के लिए शुगर मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि चीनी मिल बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी लाएंगे। -- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
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शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य
मिल ------------------- बकाया
गांगनौली --------- 215.69 करोड़ रुपये
शेरमऊ ----------- 29.87 करोड़ रुपये
गागलहेड़ी ----------66.47 करोड़ रुपये
नानौता ------------ 62.03 करोड़ रुपये
सरसावा ----------- 49.96 करोड़ रुपये
नोट: गन्ना विभाग के सात मार्च के आंकड़ों के अनुसार।
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