सहारनपुर। गन्ने की उन्नतशील प्रजाति को-0238 के लगातार रोग ग्रस्त होने के चलते गन्ना विभाग प्रजाति बदलाव पर जोर दे रहा है। इसके लिए किसानों को गन्ने की नई प्रजातियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें कोशा-13235, कोलक-14201 और को- 15023 सहित अन्य प्रजातियां शामिल हैं। बसंत कालीन बुआई के लिए किसान गन्ना शोध केंद्रों से गन्ना बीज की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।
जनपद में गन्ने की उन्नतशील प्रजाति कोशा-0238 का रकबा करीब 90 फीसदी है। कुछ समय से यह प्रजाति लाल सड़न सहित कई रोगों से अधिक प्रभावित हो रही है। इसका असर मौजूदा पेराई सत्र में भी दिखाई दे रहा है। किसानों को गन्ना शोध संस्थानों से नई प्रजातियों का बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें मुख्य रूप से कोशा- 13235, कोलक- 14201 और को- 15023 सहित कई अन्य प्रजातियां शामिल हैं। गन्ना विभाग ने किसानों को नई प्रजातियों का बीज गन्ना शोध संस्थानों से दिलाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग का प्रावधान किया है। जिससे किसानों को नई प्रजातियों के बीज के लिए भटकना ना पडे़। किसान ऑनलाइन बुकिंग करके शाहजहांपुर एवं मुजफ्फरनगर आदि शोध संस्थानों से गन्ने की नई प्रजातियों के बीज का प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म में किसान को अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, गन्ना प्रजाति और बड़ की संख्या भरनी होगी। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि विभाग रोगग्रस्त हो चुकी प्रजातियों के स्थान पर नई प्रजातियों की बुआई पर जोर दे रहा है। किसान गन्ना शोध संस्थान भी बीज प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए किसान ऑनलाईन बुकिंग कर भागदौड़ से बच सकते हैं।