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Saharanpur News: 13 साल बाद चार गांवों के किसानों को मिला हक

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नागल। चार गांवों के किसानों की 13 सालों से चल रही चकमार्ग बहाली की मांग पूरी हो गई है। किसानों के लंबे आंदोलनों के फलस्वरूप रेलवे किसानों की चकमार्ग के लिए छोड़ी जाने वाली जमीन का चार गुना मुआवजा देने को राजी हुआ। इसके अलावा किसानों को खेतों पर जाने के लिए रास्ता भी मिलेगा।
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वर्ष 2011 में डेडीकेटेड फ्रंट कॉरिडोर परियोजना के तहत रेलवे माल गलियारा निर्माण के लिए खटोली, बसेड़ा, मीरपुर व साधारणसिर के किसानों की भूमि अधिग्रहण की थी। इसमें किसानों के खेत में जाने वाली ग्राम समाज की चकरोड का भी अधिग्रहण कर लिया गया था। किसान रेलवे की खाली पड़ी जमीन से अपने खेतों पर जा रहे थे। भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं ने दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 तक 83 दिन मीरपुर रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन धरना दिया था। धरने पर तत्कालीन डीएम अखिलेश कुमार और परियोजना अधिकारी किसानों को मनाने के लिए आए थे, लेकिन किसानों ने साफ कहा था कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। किसानों के लगातार अफसरों पर दबाव बनाने के फलस्वरूप आखिरकार परियोजना अधिकारियों ने उनकी मांग पर सहमति जता दी।
अब कॉरिडोर परियोजना के सहायक प्रबंधक राकेश सिंह, सहायक अभियंता दीपन दास की मौजूदगी में राजस्व टीम ने एक सप्ताह तक की पैमाइश मंगलवार को पूरी हो गई। इसमें पांच मीटर चौड़े तथा पांच किमी लंबे चकमार्ग की निशानदेही कर दी। किसानों को उसका मुआवजा और खेत पर जाने का रास्ता भी मिलेगा।
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यह बोले किसान :

83 दिन तक धरने पर बैठे मिला मेहनत का फल
- गांव बसेड़ा निवासी निखिल त्यागी का कहना है कि वह 83 दिन तक धरने में मौजूद रहे थे। एक बार को तो लगने लगा था कि शायद मांग पूरी नहीं होगी, लेकिन अब उन्हें अपनी मेहनत का फल मिल गया है।



तनाव ग्रस्त थे प्रभावित किसान
- गांव खटोली निवासी संजय त्यागी उर्फ पप्पू का कहना है कि चकमार्ग बहाल न होने से किसान तनाव में थे कि वह अपने खेतों में कैसे जाएगा। अब खुशी है कि परियोजना के अधिकारियों ने उनकी पीड़ा सुन ली। यह किसानों की जीत है।


वरदान साबित होगी चकमार्ग बहाली
- गांव मीरपुर मोहनपुर निवासी महेंद्र सिंह वालिया का कहना है कि चकमार्ग का अधिग्रहण होने से उनके सामने खेतों में जाने की समस्या खड़ी हो गई थी। यदि दूसरों के खेतों से होकर जाते तो उनकी फसल खराब होती। चकमार्ग बहाली किसानों के लिए वरदान साबित होगी।

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चार गुना मुआवजा मिलने की भी खुशी
- गांव बसेड़ा निवासी सन्नी त्यागी का कहना है कि उन्हें तो उम्मीद ही नहीं थी कि चक मार्ग बहाल हो जाएगा, लेकिन उन्होंने अब खुशी है। क्योंकि किसान की जो जमीन जाएगी उसका भी चार गुना मुआवजा मिलेगा।

वर्जन
चकमार्ग की निशानदेही कर दी गई है। जल्द ही इसके लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का चार गुना मुआवजा किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही चकमार्ग बहाल हो जाएगा।
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- राकेश सिंह, सहायक प्रबंधक डेडीकेटेड फ्रंट कॉरिडोर परियोजना
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