किसानों की मुख्य मांगों में नूनाबड़ी गांव वाले रास्ते को सुचारु बनवाना, गंगनहर के ऊपर पुल का निर्माण, देवबंद में भायला रेलवे फाटक के ऊपर अधूरे पड़े ओवरब्रिज का कार्य शुगर मिल के शुरू होने से पहले पूरा कराना शामिल है।
इसके अलावा किसानों ने घरेलू बिजली बिलों में आ रही अनियमितताओं को सुधारने और विभागीय कर्मियों द्वारा मनमानी वसूली पर रोक लगाने की भी मांग की है।
किसानों का कहना है कि छुट्टा पशुओं से फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं, जबकि हिंडन नदी में आई बाढ़ के बाद खराब हुई फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा भी नहीं दिया गया। इन सब मुद्दों को लेकर किसान प्रशासन के खिलाफ लामबंद हैं।
सूत्रों के अनुसार, शनिवार को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से मिला था। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए महापंचायत टालने का अनुरोध किया था, लेकिन किसानों ने इसे जारी रखा।
फिलहाल बेलड़ा नहर पुल पर किसानों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है और मंच से जल्द आंदोलन की अगली रणनीति का ऐलान किया जा सकता है।