राहत पैकेज में किसानों की उपेक्षा
सहारनपुर। सपा के जिलाध्यक्ष चौधरी रूद्र सैन ने केंद्र सरकार पर राहत पैकेज में किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को कम से कम किसानों का सभी तरह का ब्याज माफ करना ही चाहिए था।
सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र हो या प्रदेश सरकार किसान उनके एजेंडे में नहीं हैं। यही कारण है कि राहत पैकेज में भी किसानों की भलाई के लिए कुछ खास नहीं किया। उन्होंने कहा पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे किसानों के लिए यदि सरकार ऋण माफ नहीं कर सकते थे तो कम से कम ब्याज माफी तो हो ही जानी चाहिए थी। उन्होंने किसानों के लिए किए प्रावधानों को नाकाफी करार दिया। भाकियू के मंडल महासचिव अरुण राणा ने आरोप लगाया कि राहत पैकेज में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। किसानों को कर्ज के जंजाल से निकालने के लिए कुछ प्रावधान होने चाहिए थे। राहत पैकेज से किसान असंतुष्ट हैं। भाकियू अंबावत के जिलाध्यक्ष नीरज चौधरी ने कहा कि किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य और फसल खरीद की गारंटी की व्यवस्था होनी चाहिए थी। लोन पैकेज बढ़नेेेे से तो किसान कर्ज के दलदल में फंस जाएगा। किसान नेता बिट्टू नंबरदार ने कहा कि राहत पैकेज में किसानों को पूर्ण ऋण माफी के साथ ही 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता मिलनी चाहिए थी। तब किसानों का भला हो सकता है।