गंगोह (सहारनपुर)। भाकियू द्वारा आयोजित बैठक में कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा गया। किसानों ने कृषि कानूनों की प्रतियां भी जलाई।
बुधवार को भाकियू द्वारा निरीक्षण भवन पर आयोजित बैठक में तहसील अध्यक्ष देशपाल सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए काले कानूनों के कारण किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएगा। कहा कि जब तक काले कानून वापस नहीं होंगे किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। ब्लाक अध्यक्ष बृजपाल सैनी ने कहा कि मिल को चले ढाई महीने हो चुके हैं लेकिन अभी तक केवल एक सप्ताह का भुगतान हीं हुआ है। नगर अध्यक्ष मेहरबान कुरैशी ने कहा कि विद्युत निगम किसानों का उत्पीड़न कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के बाद भाकियू कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सहारनपुर बस स्टैंड पर पहुंचे तथा वहां कृषि कानूनों की प्रतियों को आग के हवाले कर दिया। राष्ट्रपति के नाम संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन कोतवाली प्रभारी यज्ञदत्त शर्मा को सौंपा। ज्ञापन में कृषि कानूनों को रद्द करने, एमएसपी कानून बनाने, एमएसपी से कम खरीद करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने, जल्द से जल्द गन्ना भुगतान करने की मांग की गई। अध्यक्षता वली हैद व संचालन अरविंद चौधरी ने किया।
नकुड़ में भी कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। किसान कृषि कानून को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए नगरपालिका कार्यालय चौक पर पहुंचे। जहां किसानों ने कृषि कानूनों की प्रतियां जलाते हुए् सरकार से शीघ्र कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। इस दौरान इंस्पेक्टर केपी सिंह सहित पुलिस बल भी तैनात रहा। कमलेश चौधरी, इदरीस अहमद, सुरेश सिरोही, बिजेंद्र, अर्जुन सिंह, सोमपाल, श्याम सिंह, धीरज, अंबरीश, सिताब सिंह, कल्लन, उदयवीर आदि किसान रहे।