सहारनपुर। चीनी मिलों के पूरी क्षमता से पेराई नहीं करने और सर्द मौसम के चलते जनपद में गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। जनपद की छह चीनी मिलें अपनी क्षमता से मात्र 71.35 प्रतिशत पर ही चल रही हैं।
चीनी मिलों के पूरी क्षमता से पेराई नहीं करने और कड़ाके की ठंड के चलते रबी फसलों की बुआई पिछड़ रही है। मिलों की पेराई क्षमता 42750 टन प्रतिदिन है। लेकिन मिलें अपनी क्षमता का 71.35 प्रतिशत ही पेराई कर पा रही हैं। 30 दिसंबर के आंकड़ों के अनुसार देवबंद शुगर मिल 64.29 प्रतिशत, गांगनौली 67.78, शेरमऊ 74.29, गागलहेड़ी 60, नानौता 94 और सरसावा 90.91 प्रतिशत पेराई क्षमता से चल रही हैं। इसके चलते गेहूं की बुआई पिछड़ रही हैं।
गांव नंदी फिरोजपुर के प्रदीप नंबरदार, लंढौरा गुर्जर के सफदर अली आदि का कहना है कि गन्ने के खेत खाली नहीं होने से पछेते गेहूं की बुआई भी पिछड़ती जा रही है। वे कहते हैं कि यदि पूरी क्षमता के साथ शुगर मिल चले तो समय से गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की बुआई हो जाए। लेकिन मिलों के पूरी क्षमता से नहीं चलने के कारण गन्ने के खेतों के खाली होने में देरी हो रही है। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि सभी चीनी मिलों को पूरी क्षमता के अनुसार पेराई करने के लिए विभाग की ओर से नोटिस दिए जा चुके हैं। उम्मीद है कि सभी चीनी मिलें अपनी क्षमता के अनुसार पेराई करेंगी।
रबी फसलों की बुआई की स्थिति हेक्टेयर में
फसल---------लक्ष्य---------बुआई
गेहूं-----------112613-------102478
जौ--------------52----------53
चना------------04-----------05
मटर------------30------------30
मसूर-----------2056----------2057
सरसों, राई------918----------1124
अलसी---------47------------47
तोरिया---------321-----------125
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार