चिलकाना। गांव अहाड़ी, अब्दुल्लापुर, कालू माजरा के किसान टोडरपुर चीनी मिल शुरू होने के 20 दिन बाद भी अपना गन्ना मिल में नहीं भेज रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनके गन्ने की खरीद सरसावा चीनी मिल द्वारा की जानी चाहिए।
गांव के किसान रविंद्र तोगड़िया, कुसुम चंद सैनी, गन्ना समिति सरसावा के उपसभापति आशु सैनी, भाजपा के मंडल अध्यक्ष पंकज सैनी आदि ने बताया कि टोडरपुर चीनी मिल द्वारा पिछले वर्ष का गन्ना भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। एक नवंबर को तीनों गांव के किसानों ने सामूहिक निर्णय लिया था कि वह चालू सत्र में अपना गन्ना टोडरपुर चीनी मिल को नहीं देंगे। तीनों गांवों के किसान अपना गन्ना सरसावा चीनी मिल को देने के लिए रजामंद हैं। इन तीनों गांव के किसान सरसावा चीनी मिल के शेयर होल्डर भी हैं। यह मिल गांव के नजदीक पड़ता है। गन्ना आयुक्त ने किसानों को आश्वस्त किया था कि उनके गन्ने की खरीद सरसावा चीनी मिल द्वारा कराई जाएगी, लेकिन अभी तक गन्ना खरीद की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। गन्ना खरीद न होने के कारण किसान अपना गन्ना औने पौने दाम में चरखी में बेच रहे हैं।