सहारनपुर। आगामी बजट की बाट जोह रहे किसानों ने इससे बड़ी उम्मीद लगा रखी है। किसानों का कहना है कि यदि बजट में फसलों का लाभकारी मूल्य देने का प्रावधान हो जाए तो उनको किसी प्रकार के अनुदान की भी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने पूरे देश में गन्ने का एक रेट और बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज की व्यवस्था भी बजट में करने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार का कहना है कि सरकार को सभी फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने की व्यवस्था बजट में करनी चाहिए। बजट में ही बकाया गन्ना मूल्य पर होने वाले ब्याज को दिलाने का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही सभी बुजुर्ग किसानों को सम्मानजनक अनिवार्य पेंशन के लिए भी बजटीय प्रावधान हो।
फारमर्स फोरम के वरिष्ठ नेता और प्रगतिशील बागवान चौधरी राजपाल सिंह जगहैता गुर्जर का कहना है कि यदि किसानों को उनकी फसल का लाभकारी भाव मिल जाए तो उसे किसी भी प्रकार के अनुदान की आवश्यकता नहीं रहेगी। खेती में किसान का पूरा परिवार कार्य करता है जिसे फसल की लागत में जोड़कर रेट तय होना चाहिए।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश संयोजक श्यामवीर त्यागी कहते हैं कि किसानों की अधिकांश समस्याओं का एकमात्र हल फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाना ही है। सरकार को मूल्य तय करते समय किसान के परिवार का श्रम, जमीन का किराया भी शामिल होना चाहिए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने का प्रावधान भी बजट में होना चाहिए।
भारतीय किसान यूनियन अंबावत के जिलाध्यक्ष नीरज चौधरी का कहना है कि फसलों के उचित मूल्य के लिए बजटीय प्रावधान होना चाहिए। पूरे देश में गन्ना नीति और रेट एक समान होना चाहिए। फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाए बिना खेती फायदेमंद नहीं हो सकती। केंद्र सरकार को बजट में इसकी व्यवस्था करनी चाहिए।
श्यामवीर त्यागी- फोटो : SAHARANPUR
किसान नीरज चौधरी- फोटो : SAHARANPUR
राजपाल जगहैता- फोटो : SAHARANPUR