किसान रजत चौधरी का आरोप है कि रास्ता बंद होने के कारण वह अपने खेत तक नहीं पहुंच पा रहा है। उसके खेत में गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है, लेकिन रास्ता बंद होने से वह फसल को खेत से बाहर नहीं निकाल पा रहा है। किसान का कहना है कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर समस्या बताई, लेकिन समाधान नहीं निकाला गया।
पुलिस की सतर्कता से टली घटना
शनिवार को किसान मौके पर पहुंचा और आक्रोश में आकर पुलिस के सामने ही अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। उसने लाइटर जलाने की कोशिश भी की, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उसे रोक लिया और समझाकर शांत कराया।
घटना की सूचना मिलने पर एनएचएआई के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान को आश्वासन दिया कि उसके खेत तक पहुंचने के लिए जल्द ही वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद किसान शांत हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं को सुना जाए और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए तो इस तरह की नौबत नहीं आएगी। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकाल लिया गया है।