सहारनपुर। भवनों के निर्माण को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले विकास प्राधिकरण के अधिकारी एक बार फिर चर्चाओं में हैं। रेस्टोरेंट के व्यवसायिक निर्माण को आवासीय बताकर आईजीआरएस पर आख्या रिपोर्ट देने वाले कई अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। दोबारा कराई गई जांच में उनकी फर्जी आख्या का खुलासा हुआ। शासन की तरफ से मंडलायुक्त को पत्र भेजकर आदेश दिए गए हैं कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नाम और पदनाम स्पष्ट करते हुए आरोप पत्र (चार्जशीट) का प्रारूप तैयार करें।
n दोबारा जांच में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा : मंडलायुक्त के आदेश के बाद डीएम ने एडीएम और एसडीएम की संयुक्त जांच समिति गठित की। जांच समिति ने मौका मुआयना किया। वहां पर काम कर रहे श्रमिकों से बातचीत और भवन स्वामी से भी जानकारी ली गई। पता चला कि वहां पर आवासीय भवन नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट का निर्माण चल रहा है, जो व्यवसायिक है।
जांच समिति ने लिखित में दिया कि प्राधिकरण के अधिकारियों की तरफ जो आख्या दी गई है वह बिल्कुल विपरीत है। जांच समिति की रिपोर्ट शासन को भेजी गई। आईजीआरएस पर फर्जी आख्या देने पर शासन ने कड़ी आपत्ति जताई।