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मेला गुघाल में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Wed, 23 Sep 2015 11:52 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
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ऐतिहासिक मेला गुघाल बुधवार से शुरू हो गया। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालु निशान चढ़ाने के लिए म्हाड़ी पर पहुंचना शुरू हो गए थे। शाम तक हजारों श्रद्धालु निशान और प्रसाद चढ़ाकर लौट चुके थे। म्हाड़ी से करीब एक किलोमीटर तक पूरी सड़क श्रद्धालुओं से पटी नजर आई। व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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मेला गुघाल हिंदू और मुस्लिम एकता का प्रतीक रहा है। बुधवार को मेले का पहला दिन था। पूर्व की तरह इस बार भी नकुड़ रोड स्थित जहारवीर शिरोमणि श्री गुग्गावीर चौहान की म्हाड़ी पर भारी संख्या में श्रद्धालु निशान और प्रसाद चढ़ाने पहुंचे। तड़के तीन बजे से ही शहर और देहात के लोग निशान चढ़ाने के लिए पहुंचने लगे थे।

तीन से चार बजे तक करीब दो सौ मीटर लंबी कतार श्रद्धालुओं की लग चुकी थी। तड़के तीन बजे से रात आठ बजे तक निशान चढ़ाने वालों का तांता लगा रहा। उम्मीद थी कि दोपहर के समय भीड़ कम होगी, मगर देहात क्षेत्र के श्रद्धालु ट्रैक्टर ट्रॉलियों और अन्य वाहनों में सवार होकर पहुंचे थे, जिनकी वजह से दिनभर कतार लगी रही।
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श्रद्धालुओं के हाथों में नीले रंग के निशान होने की वजह से करीब एक किलोमीटर तक पूरी सड़क नीली नजर आई। पहले तीन दिन निशान चढ़ाए जाएंगे। पहले दिन की भीड़ को देखते हुए उम्मीद है कि अगले दो दिनों में भी निशान चढ़ाने के लिए भीड़ जुटेगी। उधर, नगरायुक्त डॉ. नीरज शुक्ला ने उनकी पत्नी विजयश्री शुक्ला के साथ छड़ी पूजन किया। इस दौरान अपर नगरायुक्त सच्चिदानंद सिंह, पीके गुप्ता, डॉ. एके गुप्ता, अरुण कुमार, केशव प्रसाद, राजेंद्र कुमार, एसबी अग्रहारि, संजय भटनागर, इंद्रजीत आनंद, सौरभ गुप्ता, दिनेश भंडारी, संजीव कुमार, रविंद्र कुमार, दिलशाद अहमद, मुकेश कुमार, सत कुमार, मनोज रस्तोगी, अरविंद अरोड़ा आदि थे। शाम के समय डीएम पवन कुमार ने मेले का विधिवत उद्घाटन किया।

बेकाबू हुई भीड़  
म्हाड़ी पर निशान और प्रसाद चढ़ाने के लिए प्रशासन ने जो व्यवस्था की थी। उसके तहत श्रद्धालुओं को एक साइड से प्रसाद चढ़ाने के लिए म्हाड़ी परिसर में एंट्री करनी थी, जबकि दूसरे छोर से बाहर निकल जाना था, मगर भारी भीड़ की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाहर निकलने के स्थान से भी एंट्री करने लगे। दोनों ओर से श्रद्धालुओं की एंट्री होने से अव्यवस्था फैल गई। ऐसे में निशान लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं खासकर छोटे बच्चों और वृद्धों को परेशानी हुई। म्हाड़ी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था बनाने का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली।

मौसम ने दिया साथ
म्हाड़ी पर निशान चढ़ाने के लिए कई हजार श्रद्धालु पहुंचे। दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। ऐसे में मौसम ने कतार में रहे श्रद्धालुओं का खूब साथ दिया। रात में हुई झमाझम बारिश की वजह से मौसम में ठंडक आ चुकी थी। बुधवार की सुबह से ही आसमान में काले बादल थे और ठंडी हवा चल रही थी। इसकी वजह से कतार में लगे लोगों को गर्मी से जूझना नहीं पड़ा।
 
पुलिस की व्यवस्था रही चाक-चौबंद
म्हाड़ी पर व्यवस्था न बिगड़े। इसके लिए प्रशासन ने बड़ी नहर के पुल पर बैरीकेट्स लगाए हुए हैं। यहां पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो किसी भी वाहन को म्हाड़ी तक जाने से रोक रहे हैं। सुबह चौपहिया, तीन पहिया और दुपहिया वाहनों की वजह से एंट्री पर जाम की स्थिति बन गई।

मेले में सजी दुकानें और लगे हिंडोले
मेला स्थल पर सैकड़ों की संख्या में दुकानें सज गई हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के हिंडोले भी लग चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पहले ही दिन मेला परिसर में भी लोगों की भीड़ नजर आई, जिसकी वजह से दूर-दराज से आए दुकानदार खुश हैं। उधर, म्हाड़ी से लेकर बड़ी नहर तक भी करीब सौ दुकानें खिलौनों और घरेलू सामान की सजी हैं।
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