सहारनपुर। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इसमें निर्यातकों को यूरोपीय संघ के नए प्रस्तावों के बारे में जागरूक किया गया।
अंबाला रोड स्थित एक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ईपीसीएच के उपाध्यक्ष नीरज खन्ना ने कहा कि इस संवाद सत्र का उद्देश्य हस्तशिल्प निर्यातकों को जागरूक करना है। यूरोपीय संघ ने कोको, कॉफी, ताड़ के तेल, रबर, सोया, वनों की कटाई की समस्या को लेकर नया प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव 30 दिसंबर से लागू होगा। इसका लक्ष्य यूरोप और विश्व स्तर पर वनों की कटाई मुक्त बाजार को प्रोत्साहित करना है।
आईआईए के पूर्व अध्यक्ष रामजी सुनेजा ने लकड़ी हस्तशिल्प उद्योग से जुड़े लोगों को एकजुट होने का आह्वान किया। औसाफ गुड्डू ने ने कहा कि इस तरह के सेमिनार जरूरी हैं। जिससे भविष्य में लकड़ी के हस्तशिल्प निर्यात में आने वाली बाधाओं को दूर कर सकें। इस मौके पर ईपीसीएच के अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक राजेश रावत, नावेद उर रहमान, विशेषज्ञ सचिन राज जैन, ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा, सलमान आजम, रोहित ढल्ल, इरफान उल हक, सनद कोठीवाल, करण दुग्गल, रविंद्र मिगलानी आदि ने भी विचार रखे।