सहारनपुर। ट्रेनें बंद थीं, बस भी नहीं चल रहीं थीं और पहुंचना था अपने घर। किसी ने बच्चे को कंधे पर बैठा रखा था तो कोई सामान का थैला पीठ पर लादे था। हजारों लोग पैदल ही निकल पड़े थे अपने घर की ओर। हाईवे और रेलवे लाइन के सहारे रास्ता तय कर रहे थे। ऐसी मुसीबतें झेली थीं, प्रवासी श्रमिकों ने।
प्रवासी श्रमिकों के सहारनपुर पहुंचने का सिलसिला 26 मार्च से ही शुरू हो गया था। तब अंबाला रोड पर पिलखनी (सरसावा) स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास मेजर सेंटर को श्रमिकों रोकने की व्यवस्था की गई थी। 26 मार्च 2020 से 09 जून 2020 तक सत्संग व्यास सेंटर में 1.80 लाख प्रवासी श्रमिक आकर ठहरे थे। राधा स्वामी सत्संग व्यास के 800 से एक हजार सेवादार इनका खाना बनाने और अन्य व्यवस्थाओं में जुटे रहते थे। फिर इन्हें यहां से बसों और स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से गोरखपुर, गोंडा, इटावा, सीतापुर, लखनऊ, गाजीपुर, आजमगढ़ सहित यूपी के अन्य जिलों और बिहार तक पहुंचाया गया था। करीब 600 प्रवासी श्रमिकों को ट्रेन में बैठाकर गोवा से चली ट्रेन गलती से सहारनपुर पहुंच गई थी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने बसों और ट्रेनों से इन्हें गंतव्य पहुंचाया था।
- श्रमिक विपिन की हो गई थी मौत
हरदोई के सुरसा निवासी 19 वर्षीय श्रमिक विपिन कुमार की सहारनपुर में भूख से मौत तक हो गई थी। विपिन ने लुधियाना से सहारनपुर का करीब 350 किमी का सफर पैदल तय किया था। सहारनपुर में तबीयत बिगड़ने पर वह सड़क पर गिर गया था। अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया था।
आज भी खड़ी हैं श्रमिकों की 5000 साइकिलें
पिलखनी स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास सेंटर में प्रवासी श्रमिकों की 10 हजार से ज्यादा साइकिलें जमा हुई थीं। श्रमिकों को टोकन दिया गया था, जिसके बाद काफी लोग अपनी साइकिलें आकर ले गए, लेकिन अब भी 5000 साइकिलें राधा स्वामी सत्संग व्यास सेंटर में खड़ी हैं, जिन्हें लेने के लिए श्रमिक पहुंच नहीं पाए हैं।
टूट गया था सब्र का बांध
17 मई 2020 को राधा स्वामी सत्संग व्यास में ठहरे प्रवासी श्रमिकों के सब्र का बांध टूट गया था। श्रमिकों ने सत्संग सेंटर से बाहर अंबाला हाईवे पर आकर जमकर हंगामा किया था। मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम और एसएसपी सहित तमाम अधिकारियों ने श्रमिकों को समझाया था। तब जाकर श्रमिक शांत हुए थे।
- रोजगार दिलाने को चिह्नित हुए थे 9745 श्रमिक
बाहरी राज्यों से सहारनपुर लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए चिह्नित किया गया था। ऐसे करीब 9745 श्रमिक चिह्नित हुए थे। जिला उद्योग केंद्र और श्रम विभाग ने उद्यमियों और व्यापारियों से सूची साझा कर श्रमिकों को रोजगार दिलाने की कवायद की थी।
पंजाब से सहारनपुर के राधा स्वामी सत्संग व्यास में पहुंचे प्रवासी मजदूर : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR
पंजाब से सहारनपुर के रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में रोटी के लिये हाथ निकालते प्रवासी मजदूर : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR
पंजाब से सहारनपुर के राधा स्वामी सत्संग व्यास में पहुंचे प्रवासी मजदूर की रखी साईकिल- फोटो : SAHARANPUR
पंजाब से सहारनपुर के कोर्ट रोड़ पर पैदल आते प्रवासी मजदूर : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR
पंजाब से सहारनपुर के कोर्ट रोड़ पुल पर पैदल आते प्रवासी मजदूर व बच्चे : फाईल फोटो- फोटो : SAHARANPUR