- पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में कब और कहां से पहुंचे थे नकली नोट
- 29 अगस्त को तीन बैंक व करेंसी चेस्ट प्रबंधकों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट से जुड़े जाली नोट प्रकरण में दो सप्ताह बाद भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) नकली नोटों के स्रोत तक नहीं पहुंच पाई है। जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि करेंसी चेस्ट में जाली नोट कब और कहां से पहुंचे थे। इन नोटों को चेस्ट तक पहुंचाने वाले नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। हालांकि, अभी तक इस मामले में एक ही आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है, जबकि दो आरोपी जांच एजेंसी की पकड़ से दूर हैं।
29 अगस्त को पीएनबी के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की ओर से कोतवाली सदर बाजार में बैंक व करेंसी चेस्ट के तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एनआईए ने जांच को अपने हाथ में ले लिया था। एजेंसी की ओर से बैंक कर्मचारियों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
मामले में एनआईए ने करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इसके अलावा दो अन्य आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। जांच एजेंसी उनकी तलाश में जुटी है। आरोपियों के परिजनों और करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके ठिकानों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। जाली नोटों के स्रोत का पता लगाना जांच का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है।
जाली नोटों की बरामदगी के बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी बैंक की करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची। एजेंसी के सामने चुनौती नकली नोटों के स्रोत, उन्हें चेस्ट तक पहुंचाने वालों और पूरे नेटवर्क की पहचान करने की है।
वर्जन
पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट मामले की जांच एनआईए कर रही है। अब जो भी कार्रवाई होगी, वह एनआईए की टीम करेगी। एनआईए ने ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। - व्योम बिंदल, एसपी सिटी