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Saharanpur News: आजादी के 78 साल बाद भी रजबाहे के पानी से प्याज बुझा रहे ग्रामीण

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मिर्जापुर। तीन राज्यों हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा से सटे शिवालिक की तलहटी में बसे ग्राम पंचायत फैजाबाद के मजरे जानीपुर की आबादी आजादी के 78 साल बाद भी शुद्ध पेयजल को तरस रही है। ग्रामीण अपनी और मवेशियों की प्यास रजबाहे से पानी लाकर बुझाते हैं। केवल सक्षम लोगों के यहां हैंडपंप मिलेगा, क्योंकि 400 फीट गहरा हैंडपंप लगवाने की सभी की हैसियत नहीं है।
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अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे मेरी आवाज सुनो कॉलम के लिए ग्रामीण अफजल चौधरी ने शिकायत भेजी थी। उनकी पीड़ा को मेरी आवाज सुनो में प्रकाशित करने के साथ ही गांव की पड़ताल की गई। इसमें पता चला कि 40 वर्ष पूर्व बादशाही बाग स्थित ट्यूबवेल से छह किमी लंबी पाइपलाइन द्वारा जानीपुर में पानी सप्लाई होती थी। धीरे-धीरे पाइपलाइन जर्जर हो गई और जगह-जगह लीकेज के कारण सप्लाई ठप हो गई। इसके बाद वर्ष 2013 में जल निगम द्वारा मगनपुरा में पेयजल टैंक बनाया गया और गांव की नई लाइन जोड़ी गई। लेकिन इससे एक बूंद भी जानीपुर तक नहीं पहुंची। पानी की टंकी से केवल गांव मगनपुरा को ही पानी की सप्लाई मिल रही है। ग्रामीणों के अनुसार टैंक में पानी चढ़ाने के नाम पर सिर्फ कागज़ी खानापूर्ति हो रही है।



बोले ग्रामीण

- अफजल चौधरी का कहना है कि सरकार का हर घर नल हर घर जल का दावा खोखला साबित हो रहा है। टंकी मात्र शोपीस बनकर रह गई है।
- गांव फैजाबाद निवासी साजिद चौधरी का कहना है कि इस गांव में पीने के पानी की समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है। कई बार लिखित एवं मौखिक शिकायत करने के बाद भी कोई राहत नहीं मिल सकी है।
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- समरयाब चौधरी का कहना है कि पुरुष एवं महिलाओं का पूरा दिन पानी ढोने में निकल जाता है जिसके चलते अन्य काम प्रभावित होते हैं।
- जिला पंचायत सदस्य ताहिर पहलवान ने बताया कि जानीपुर गांव में पेयजल की समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है इस और किसी जा ध्यान नहीं है गर्मी के मौसम तो ये समस्या और भी गंभीर हो जाती हैं।
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नया ओवरहैड टैंक बनाने के लिए विभाग के पास बजट नहीं है। जल्द ही गांव जानीपुर को मगनपुरा से जोड़कर पानी कि आपूर्ति सुचारू कराई जाएगी।
मोहम्मद हाशिम
अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण
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