नागल। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से खेत का रास्ता बंद करने से आक्रोशित गांव कपासी निवासी किसान रजत चौधरी ने शनिवार को आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस और अधिकारियों की सतर्कता से किसान को बचा लिया गया।
कपासी गांव निवासी रजत चौधरी का खेत लाखनौर के निकट एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित है। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। इसके मद्देनजर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हाल ही में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा सड़क किनारे लोहे की बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया। इससे किसान का अपने खेत तक पहुंचना मुश्किल हो गया। रजत चौधरी का आरोप है कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्या बताई। गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है और रास्ता बंद होने के कारण वह फसल को खेत से बाहर नहीं निकाल पा रहा है। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकाला गया।
शनिवार को पीड़ित किसान ने मौके पर पहुंचकर पुलिस के सामने ही खुद पर पेट्रोल डाल लिया और लाइटर जलाने की कोशिश की। यह देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उसे समझाया और किसी तरह शांत कराया। घटना की सूचना मिलने पर एनएचएआई के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान को भरोसा दिलाया कि उसके खेत तक पहुंच के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद किसान शांत हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते किसानों की बात सुनी जाए और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए, तो इस तरह की परिस्थितियों से बचा जा सकता है। उधर, पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकाल लिया गया है।