जिले में शहर और देहात के मंदिरों में भी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिरों में मनोहारी सजावट की गई। देर रात तक रासलीलाओं के कार्यक्रम चलते रहे।
सहारनपुर शहर में संस्कार भारती की ओर से शिव मंदिर गढ़ी मलूक नंबर एक में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिर को लाइटों और गुब्बारों से भव्य रंग देकर सजाया गया। इस अवसर पर संजीव कुमार मित्तल, शंकर अरोडा, अर्चित् अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, विशाल बतरा, सोरण चौहान, कृष्ण मित्तल, अमित शर्मा, राजीव कालड़ा, विशांत शर्मा, सचिन शर्मा, संजय वर्मा, भूपेंद्र, सुशील आदि मौजूद रहे। श्री कोगेश्वर महादेव मंदिर साईं बाबा मंदिर के सामने बेहट रोड पर जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया।
इस अवसर पर संरक्षक नवीन गर्ग, पंकज गर्ग, राधेश्याम गर्ग, निखिल गर्ग, निखिल जैन, निशंक गर्ग, हितेश गर्ग, दिपेश गर्ग, प्रियश गर्ग, रेनू गर्ग, प्रवेश गर्ग, पूनम गर्ग, दीपशिखा आदि मौजूद रहे। गंगोह के मोहल्ला बाबूराय में निर्माणाधीन भगवान लड्डू गोपाल मंदिर में लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव समारोह का शुभारंभ विशेष पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
इस मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों को भी फूलों और बिजली की झालरों से सजाया गया। रात में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की मनोहारी झांकियां लगाई गई। श्री सुदर्शन क्लब के तत्वावधान में लड्डू गोपाल मंदिर में प्रात:कालीन आरती दिनेश मित्तल और रविकांत मित्तल द्वारा की गई। गणेशादि देव पूजन प्रीतम गोयल ने किया।
कलश पूजन कार्य डॉ. राकेश गर्ग, चंद्रमोहन गोयल, राकेश गर्ग एवं रजनीश मित्तल और धर्मध्वजा पूजन अशोक जैन, प्रवीण तायल ने पं. अमन शर्मा के पुरोहित्व में वैदिक मंत्रोचारण के बीच संपन्न कराया। शृंगार मुकेश गर्ग और वरुण गर्ग सर्राफ द्वारा कराया गया। अपराह्न आरती अनुज अग्रवाल, मनोज ललित, विरेंद्र अग्रवाल और नरेश गोयल ने की।
देवबंद में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में अधिकांश लोगों ने दिनभर व्रत रखा और शाम को मंदिरों में सजी झांकियों का लुत्फ उठाया। श्री पंचायती ठाकुरद्वारा मंदिर, श्री बालाजी धाम मंदिर, श्री राधा वल्लभ मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर झांकियां सजाई गई। कीर्तन मंडली ने भजनों का गुणगान किया।
श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का गुणगान करने से चित्त (मन) को शांति मिलती है। आत्म सुख में बढ़ोतरी होती है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म को हजारों वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक उसी उल्लास के साथ जन्माष्टमी पर्व होता आ रहा है।
यह पर्व आज भी वही उल्लास, आनंद, माधुर्य और रसमय जीवन देने का सामर्थ्य रखता है। भक्तों को इस दिन उपवास रखकर आत्मिक अमृत पान करना चाहिए। उधर, देहात क्षेत्र में कई स्थानों पर आकर्षक झांकियां के साथ भव्य शोभा यात्राएं भी निकाली गई।
गंगोह के महंगी में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में कृष्ण के बाल रूप में सजे बालकों ने लोगों का मन मोह लिया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य चौ इंदौर सिंह, इलमचंद सैनी, डा. अशोक सैनी, डा. रवि सैनी, प्रदीप सैनी, ब्रजपाल सैनी, सनातन सैनी आदि रहे।
चिलकाना और सुल्तानपुर के मंदिरों में जन्माष्टमी पर्व की धूम रही। इस दौरान मंदिरों को आकर्षक लाइटों से सजाया गया था। सुबह से ही भक्त अपने आराध्य के जन्मोत्सव को मनाने की तैयारियों में लगे रहे।
नानौता में सिद्धपीठ हनुमान मंदिर, सनातन धर्म सत्संग भवन, दुर्गा मंदिर कृष्ण लीला चौक, सनातन धर्मशाला, श्रीराम दरबार मंदिर, अस्पताल मंदिर, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पर सजावट के साथ ही मनमोहक झांकियां सजाई गई थी। विरेंद्र कुमार जैन, अरविंद नामदेव, जगपाल सिंह, अरविंद सिसौदिया, अतुल बंसल, सुरेश राणा, शिवचरण सिंघल, योगेश गुप्ता आदि का सहयोग रहा।
छुटमलपुर के मनकामेश्वर शिव मंदिर में रासलीला का शुभारंभ भाजपा नेता अंकित वर्मा ने फीता काट कर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के गीता में बताए मार्ग पर चलकर ही मुक्ति संभव है।
शिव कॉलोनी के वैदिक शिव सत्संग मंदिर में रासलीला का शुभारंभ अंकित राणा ने किया। कार्यक्रम में रजत राणा, अनुज बंसल, सन्नी राणा, विक्की राठी, राहुल राणा, नवदीप गोयल, आशु सैनी, अमित साध आदि का सहयोग रहा।
बड़गांव में भी कसबे के साथ ही जड़ौदा पांडा, सहजी आदि गांवों में मंदिरों को सजाया गया था। यहां भगवान श्री कृष्ण, राधा रानी, बलभद्र, सुभद्रा, बलराम आदि की झांकियां प्रस्तुत की गई थी।
नकुड़ में सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जन्माष्टमी के मौके पर नगर के प्राचीन नकुलेश्वर महादेव मंदिर, ब्राह्मण धर्मशाला में नवनिर्मित राधाकृष्ण मंदिर, श्री स्वामी जी मंदिर, काली मंदिर, शिव मंदिर, झारखंडी मंदिर, जानकी मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, बालासुंदरी मंदिर, रविदास मंदिर आदि में विभिन्न देवी देवताओं की सुंदर व मनमोहक झांकियां लगाई गई। झांकियों को देखने के लिए गांव देहात से भी भारी संख्या में श्रद्धालु नगर में आते हैं। उधर, त्यौहार के मद्देनजर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को लेकर पुलिस चौकन्नी रही और गश्त करती रही।