फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रास नहीं आ रही इंजीनियरिंग की पढ़ाई

विज्ञापन
- इंजीनियर्स डे - राष्ट्रपति से सम्मानित हुई हर्षिता अरोडा - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
सहारनपुर। आज इंजीनियर्स डे है। सिविल इंजीनियर एवं राजनेता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन 15 सितंबर को इंजीनियर डे के रूप में मनाया जाता है। जिले में वैज्ञानिक समझ रखने वाले और नाम रोशन करने वाले कम नहीं है, बावजूद इंजीनियरिंग की पढ़ाई के प्रति पहले जैसा रुझान नहीं रहा है। यह बात अलग है कि कोरोना काल में बीटेक करने वालों की संख्या बढ़ गई है।
विज्ञापन

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के प्रति घटते रुझान का पता इससे चलता है कि जिले में कभी सात कॉलेजों में बीटेक की पढ़ाई कराई जाती थी, लेकिन अब सिर्फ तीन कॉलेजों में ही बीटेक है। दो कॉलेज तो पूरी तरह बंद ही हो गए हैं। देवभूमि कॉलेज के एमडी पंकज कुमार गोयल बताते हैं कि उनके यहां बीटेक की 240 सीटें हैं, बीते वर्ष 135 दाखिले हुए थे, जबकि इस बार अब तक 150 दाखिले हो चुके हैं। वहीं, नागल क्षेत्र स्थित कॉलेज में 480 सीट हैं, जिनके सापेक्ष बीते वर्ष 152 दाखिले हुए थे और इस बार 103 हो चुके हैं, दाखिले अभी जारी हैं।
ये हैं जिले की उपलब्धियां
सहारनपुर। चंद्रयान-2 को चंद्रमा के ऑर्बिट में पहुंचाने वाली इसरो की टीम में सहारनपुर की बेटी श्वेता और उनके गुजराती पति जैमिन भी शामिल रहे। श्वेता के पिता डाक्टर अशोक गुप्ता और माता मंजू गांधी कालोनी में रहते हैं। वर्ष 2007 से इसरो से जुड़े जैमिन की चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के एसएआर पेलोड और चंद्रयान-2 लैंडर विक्रम के अल्टीमीटर सेंसर में बड़ी भूमिका रही।
विज्ञापन

- राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार पा चुकी हैं हर्षिता
सहारनपुर। शहर के अहमदबाग निवासी हर्षिता अरोड़ा को गत जनवरी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया। वर्ष-2018 में आइओएस पर क्रिप्टो करेंसी प्राइस ट्रैकर एप्लीकेशन बनाने के बाद हर्षिता सुर्खियों में आई थीं। उनका यह एप दुनियाभर की क्रिप्टो करेंसी के मूल्यों में हो रहे उतार-चढ़ाव का रियल टाइम स्टेटस बताता है। पिता रविंद्र सिंह अरोड़ा ऑटो फाइनेंसर हैं और माता जसविंद्र कौर गृहिणी हैं।
- बाल वैज्ञानिकों ने खूब कमाया नाम
सहारनपुर। जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डाक्टर संजय जैन बताते हैं कि शहर के आर्य कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा नंदिनी और निकिता राणा ने मंदिरों में अर्पित किए जाने वाले फूलों से उपयोगी उत्पाद में बदलने वाला प्रोजेक्ट बनाया जो राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी शामिल किया गया। खेड़ा मुगल निवासी छात्रा इशिका ने एजुकेशन सिस्टम का सॉफ्टवेयर बनाया, वह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए चयनित हुआ। इसके अलावा देवबंद क्षेत्र के गांव बिलासपुर निवासी छात्रा साइबा ने बैटरी से संचालित कार बनाई जो सफाई और घास कटाई में भी कारगर है, यह प्रोजेक्ट प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनी में शामिल हुआ।
- हर देश में अलग तिथि
अर्जेंटीना में 16 जून, बांग्लादेश में 7 मई, बेल्जियम में 20 मार्च, कोलंबिया में 17 अगस्त, आइसलैंड में 10 अप्रैल, ईरान में 24 फरवरी, इटली में 15 जून, मैक्सिको में 1 जुलाई, पेरू में 8 जून, रोमानिया में 14 सितंबर, तुर्की में 5 दिसंबर को मनाया जाता है।

इंजीनियर्स डे - छात्रा इशिका- फोटो : SAHARANPUR

इंजीनियर्स डे - देवभूमि कॉलेज के एमडी पंकज गोयल- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें