सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों को जल्द ही इंडोस्कोपी की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। मशीन का तकनीकी सेटअप तैयार किया जा रहा है। जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में इंडोस्कोपी की सुविधा नहीं होने से मरीजों को निजी अस्पताल या फिर हायर सेंटर जाना पड़ता है।
जिले में गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इंडोस्कोपी जैसी सुविधा का स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। जिले के मरीजों को अब गंभीर पेट रोगों की जांच के लिए जिले के बड़े अस्पतालों, दिल्ली, देहरादून, चंडीगढ़ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजकीय मेडिकल काॅलेज में आने वाले दिनों में इंडोस्कोपी जैसी अत्याधुनिक सुविधा को शुरू करने की कवायद तेजी से चल रही है।
मेडिकल काॅलेज प्रशासन का दावा है कि यह सेवा शुरू होने के बाद मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और समय के साथ ही रुपयों की भी बचत होगी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी ने बताया कि इंडोस्कोपी एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय तकनीक है, जिसके माध्यम से शरीर के अंदरूनी हिस्सों विशेषकर भोजन नली, पेट, आंत और गले की विस्तृत जांच की जाती है। सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को दूसरे शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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रोजाना 1500 से 2000 के बीच होती है ओपीडी
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 1500 से 2000 के बीच मरीज चिकित्सकों को दिखाने के लिए पहुंचते हैं। इनमें बुखार, निमोनिया, खांसी-जुकाम, डायरिया, पेट आदि बीमारियों के मरीज शामिल हैं।