सहारनपुर। तालाब बचाने की सरकारी मुहिम की तस्वीर दावों से अलग नजर आ रही है। पांच साल तक चले अभियान के बावजूद जिले में 486 तालाब अतिक्रमण की जद है। खास बात यह है कि इन तालाबों की जमीन पर 1548 लोगों ने कब्जा कर घर भी बना लिए हैं। ऐसे में तालाब बचाने की सरकारी मुहिम पुनर्वास की चुनौती के आगे ठहर गई है।
तालाब और झील को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कई बार अभियान चलाया गया। इसके बाद भी जिले के सभी तालाब अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाए हैं। फसली वर्ष 1359 के मुताबिक जिले की सभी पांचों तहसीलों में तालाबों की संख्या 6042 हैं। इनमें सबसे अधिक तालाब सहारनपुर सदर तहसील में हैं। इसके बाद नंबर देवबंद और रामपुर मनिहारान तहसील का आता है। खास बात यह है कि रामपुर मनिहारान में ही सबसे अधिक 141 तालाबों पर कब्जा है। इसके बाद नकुड़ तहसील में 128 तालाब कब्जे की जद में हैं। सबसे कम तालाबों पर बेहट तहसील में कब्जा है। यहां पर वर्तमान में 36 तालाब पर अभी भी कब्जा है। इसी तरह सहारनपुर सदर में 59 तालाब कब्जा युक्त हैं। देवबंद में 122 तालाब अभी भी कब्जा मुक्त नहीं हो सके।
201 तालाबों पर 1548 व्यक्तियों के बने आवास
जिले में 6042 तालाबों का कुल रकबा 2398.010 हेक्टेयर हैं। प्रशासन ने अभियान चलाकर 2190.694 हेक्टेयर भूमि से कब्जा भी हटवा दिया, लेकिन अभी भी 201 तालाब ऐसे हैं, जिन पर कब्जा हटाने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। इसके पीछे कारण यह है कि 201 तालाबों के तकरीबन 21.5345 हेक्टेयर भूमि पर लोगों के आवास बने हैं। इनकी संख्या करीब 1548 है। इन व्यक्तियों के पास आवास के लिए अन्य कोई भूमि नहीं है। ऐसे में अतिक्रमण हटाने से पहले इनका पुनर्वास संबंधी निर्णय लेना होगा।
जिले भर में तालाबों की स्थिति
तहसील - कुल तालाब अवैध कब्जे - हटवाए कब्जे
सदर - 1835 59 - 1741
नकुड़ 1190 128 1033
देवबंद - 1241 122 1065
बेहट 545 36 - 503
रामपुर मनिहारान - 1231 - 144 -1031
कुछ जगहों पर तालाब की जमीन पर लोगों के आवास है। इस संबंध में परिषद से निर्देश मांगे गए हैं। जैसी भी निर्देश शासन से प्राप्त होंगे। उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन