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विशेष आर्थिक परिक्षेत्र बनने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

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विशेष आर्थिक परिक्षेत्र बनने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
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सहारनपुर में भी प्रस्तावित है वुड कार्विंग कलस्टर
पिलखनी स्थित औद्योगिक क्षेत्र में होनी है इसकी स्थापना
250 बीघा जमीन पर बनेगा कलस्टर, 70 बीघा जमीन के बैनामे हो चुके
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। प्रदेश कैबिनेट ने हर जिले में विशेष आर्थिक परिक्षेत्र बनाने को मंजूरी दी है। इससे सहारनपुर जिले में भी वुड कार्विंग कलस्टर की स्थापना जोर पकड़ेगी। क्योंकि 250 बीघा पर बनने वाले कलस्टर के लिए बैनामों की प्रक्रिया चल रही है और 70 बीघा जमीन के बैनामे हो भी चुके हैं।
यह कलस्टर अंबाला रोड पर पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र में बनना है। स्थल चिह्नित होने के बाद किसानों से जमीन के बैनामे की प्रक्रिया चल रही है। इस कलस्टर में छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 100 इकाई वुड कार्विंग की स्थापित होनी हैं। सहारनपुर का वुड कार्विंग कारोबार देश दुनिया में विख्यात है। इसका सालाना टर्न ओवर 1500 करोड़ से ज्यादा है, जबकि 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के उत्पादों का निर्यात किया जाता है। प्रदेश कैबिनेट ने विशेष आर्थिक परिक्षेत्र की व्यवस्था में हस्तशिल्प और निर्यात को भी बढ़ावा दिया जाना है। माना जा रहा है कि वुड कार्विंग कलस्टर बनने पर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। वैसे भी वर्तमान में करीब एक लाख लोग वुड कार्विंग व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। कलस्टर के लिए जमीन के बैनामे पूरे होने और इकाई स्थापना में करीब छह महीने का समय लग सकता है।
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अगले तीन दिन में 30 बीघा जमीन के और होंगे बैनामे
कलस्टर के लिए 250 बीघा जमीन ली जानी है, लेकिन पहले चरण में 200 बीघा जमीन के बैनामे कराए जाने हैं। अभी तक 70 बीघा जमीन के सात बैनामे हो चुके हैं, जबकि अगले दो तीन दिन में 40 बीघा जमीन के बैनामे और हो जाएंगे। इसके बाद 100 बीघा जमीन और ली जाएगी और फिर 50 बीघा जमीन के बैनामे बाद में होंगे।
14 बीघा जमीन में बनेगा सीएफसी
विशेष आर्थिक परिक्षेत्र (कलस्टर) के प्रोजेक्ट में ही कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) का भी निर्माण होना है। उसके लिए 14 बीघा जमीन का बैनामा हो गया है। इसके अलावा सीएफसी के निर्माण के लिए शासन से 1.86 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। सीएफसी का नक्शा भी तैयार कराकर शासन को भेजा गया है। शासन की स्वीकृति मिलते ही सीएफसी का निर्माण शुरू हो जाएगा। वहीं, कलस्टर के भीतर ही करीब 10 बीघा में रॉ मैटिरियल बैंक की स्थापना होगी, जिसमें लकड़ी का स्टाक किया जा सकेगा।
कैबिनेट की मंजूरी से आएगी तेजी
वुड कार्विंग उद्यमी एवं निर्यातक रामजी सुनेजा का कहना है कि विशेष आर्थिक परिक्षेत्र की स्थापना के लिए प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी से इस दिशा में कार्य तेजी पकड़ेगा, जिसका लाभ उद्यमियों के साथ ही रोजगार के रूप में अन्य लोगों को भी मिलेग।
- हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा गठित रीजनल कमेटी के संयोजक ओसाफ गुड्डू का कहना है कि कलस्टर की स्थापना से वुड कार्विंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। कलस्टर के लिए जमीन के बैनामे लगातार कराए जा रहे हैं।
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वर्जन
कलस्टर स्थापना के लिए जमीन के बैनामों की प्रक्रिया चल रही है। बैनामे पूर्ण होने पर जल्दी ही इकाइयों की स्थापना होगी। सीएफसी का भी निर्माण होना है, जिसका नक्शा शासन को भेजा है। - सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त, उद्योग
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