- महिला अस्पताल प्रशासन ने दो डमी की खरीद का दिया ऑर्डर
- दिल की धड़कन रुकने पर सीपीआर देकर बचाई जा सकती है जान
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। दिल की धड़कन रुकने पर सीपीआर देकर लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसे लेकर महिला अस्पताल प्रशासन ने पहल की है। अस्पताल ने दो डमी की खरीदारी के लिए ऑर्डर दे दिया है। इसके बाद कर्मचारियों को डमी से सीपीआर की तकनीक सिखाई जाएगी।
अगर किसी इंसान को कार्डियक अरेस्ट हुआ है तो सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) सबसे ज्यादा कारगर होता है। कार्डियक अरेस्ट होने की स्थिति में मरीज को 10 सेकेंड के अंदर दिया गया सीपीआर संजीवनी का काम करता है। जिला महिला अस्पताल सीपीआर के लिए दो डमी की खरीदारी करेगा। इसके लिए ऑर्डर दे दिया है। अगले महीने तक डमी आ जाएगी। इसके बाद महिला अस्पताल के कर्मचारियों को डमी के माध्यम से सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सप्ताह में एक दिन होगा, जो करीब एक घंटे का रहेगा। इसके बाद एसबीडी जिला अस्पताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, टीबी अस्पताल के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण देने के लिए चिकित्सकों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार रहेगी।
- आईएमए से जुड़े चिकित्सक भी होंगे शामिल
महिला अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. नवदीप गुप्ता ने बताया कि पहले चरण में सरकारी कर्मचारियों को सीपीआर के बारे में सिखाया जाएगा। उसके बाद आईएमए से बात करेंगे। उससे जुड़े चिकित्सकों को शामिल किया जाएगा। जिले में करीब 22 एनेस्थीसिया (बेहोशी के चिकित्सक) हैं, जो टीम में रहेंगे।
- क्या है सीपीआर
सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया जो हृदय गति रुकने या सांस लेने में समस्या होने पर किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए की जाती है। यह एक जीवन रक्षक तकनीक है, जिसमें सीने को दबाना देना शामिल है, ताकि शरीर में रक्त का संचार बना रहे।