बिहारीगढ़। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे स्थित गणेशपुर टोल प्लाजा पर सोमवार को कर्मचारियों ने वेतन और अन्य सुविधाओं की मांग करते हुए अचानक से टोल वसूली बंद कर दी और धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने टोल प्रबंधन पर गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। दो घंटे तक टोल फ्री रहने के बाद पुलिस ने दो दिन में मांगे मानने का भरोसा दिला कर्मचारियों को काम पर लौटाया।
शाम चार बजे अचानक से कर्मचारियों ने टोल बूथ खाली कर दिए और लेन में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इससे पूरे टोल प्लाजा परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। उनका कहना है कि सम्मानजनक व्यवहार की मांग करने पर भी उन्हें अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। इसी के विरोध में उन्हें मजबूरी में यह रास्ता अपनाना पड़ा। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि 26 अप्रैल से टोल संचालन शुरू होने के बावजूद करीब 60 कर्मचारियों का वेतन अब तक नहीं दिया गया है।
हंगामे और टोल वसूली बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने धरना दे रहे कर्मचारियों को सड़क से हटाकर हालात को नियंत्रित किया और यातायात व्यवस्था को सामान्य कराया। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि दो दिन में समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा। इस दौरान कुलदीप, आशीष चौधरी, जतिन चौधरी, नितिन चौधरी, रक्षित चौधरी, कार्तिक चौधरी, जुबेर, अनमोल चौधरी, अनमोल सैनी आदि मौजूद रहे। टोल वसूली बंद होने पर दो घंटे तक एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले सैकड़ों वाहन बिना कोई शुल्क दिए निकले। उधर पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि कुछ लोगों को मौके से पकड़ा गया है। जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।