सहारनपुर। कोरोना वायरस के खतरे के बीच गंभीर मरीजों की संख्या को देखकर जिला अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी व्यवस्था में विस्तार किया । साथ ही विभिन्न तरह की जांच के शुल्क को भी माफ किया।
एसबीडी जिला अस्पताल में विभिन्न प्रकार की जांचों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित है। कोरोना के कारण प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी और जांचें बंद करने के आदेश दिए। केवल इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी। जिला अस्पताल में पहुंच रहे गंभीर मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं में विस्तार किया। 11 नंबर ओपीडी को बच्चों के लिए, 15 नंबर ओपीडी को फिजीशियन इमरजेंसी और 22 नंबर को कुत्ता काटे लोगों के लिए इमरजेंसी ओपीडी बनाया। जो प्रतिदिन सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक खोली जाएंगी, जिससे लोगों को परेशानी ना हो। मुख्य इमरजेंसी वार्ड 24 घंटे सेवाएं दे रहा है। पांच नंबर काउंटर को पर्चा बनवाने के लिए रखा है, वहां अब पर्चे मुफ्त बन रहे हैं, पहले पर्चा बनवाने के लिए एक रुपया निर्धारित था। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के शुल्क भी खत्म कर दिए हैं।
लाउड स्पीकर से कर रहे जागरूक
जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए लाउड स्पीकर लगाया है। लाउड स्पीकर से लोगों को बताया जा रहा है कि कहां पर पर्ची बनवाएं और कहां किस मर्ज के मरीज को दिखाना है। इसका मकसद यह है कि कोई भी मरीज या तीमारदार गलती से किसी जगह भीड़ का हिस्सा ना बने।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर बच्चों के लिए, बुखार के मरीजों के लिए और कुत्ता काटे लोगों के लिए अलग-अलग इमरजेंसी बनाई। पर्ची फ्री कर दी, जो पांच नंबर काउंटर पर बन रही है। इसके अलावा जांचों के लिए निर्धारित शुल्क भी खत्म कर दिया। डॉ. एसके वार्ष्णेय, सीएमएस।