संवाद न्यूज एजेंसी
छुटमलपुर। शिवालिक जंगल से निकले हाथियों के झुंड ने गणेशपुर और सुंदरपुर गांव के खेतों में जमकर उत्पात मचाया। दोनों गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल को रौंद डाला। वहीं फार्म हाउस की चहारदीवारी और खेतों की तारबाड़ को भी तहस-नहस कर दिया। हाथियों के झुंड को भगाने के लिए वन विभाग ने टीम गठित की है।
दरअसल, मोहंड रेंज से निकलने वाले हाथी कई बार जंगल से बाहर आ जाते हैं। गणेशपुर और सुंदरपुर गांव जंगल की सीमा से सटे हैं। हाथियों ने मंगलवार रात गणेशपुर में धर्म सिंह, सुदेशपाल, राजेंद्र सिंह, कदम सिंह, जीत सिंह की 35 बीघा गन्ने की फसल को तहस-नहस कर दिया। इसके अलावा राजेंद्र के खेत की तारबाड़ तोड़ दी। वहीं, देहरादून निवासी रमन के फार्म हाउस की दीवार भी टक्कर मार कर गिरा दी। सुंदरपुर में महिपाल सिंह की कटी पड़ी धान की फसल को हाथियों ने रौंद दिया। हाथियों ने महिपाल, रमेश और राकेश के गन्ने और धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया। किसानों का कहना है कि हाथियों के आने की सूचना मिलने पर वन कर्मचारी बिना संसाधनों के आते हैं। ऐसे में वह भी हाथियों को खेतों से जंगल की तरफ भगा पाने में सफल नहीं हो पाते हैं। पीड़ित किसानों ने मोहंड में वन क्षेत्राधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर हाथियों के आबादी की तरफ आवागमन को बंद कराने और फसलों के हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।