फुंक रहे ट्रांसफार्मर, लड़खड़ा रही बिजली, होगा सर्वे
सहारनपुर। पिछले तीन माह से जिले में शहर और देहात में ट्रांसफार्मर फुंकने, नए ट्रांसफार्मरों के जल्द ही खराब होने और बिजली आपूर्ति में बार-बार बाधाएं आने को लेकर लगातार हंगामे हो रहे हैं। इन्हें देखते हुए अब विद्युत निगम तीन श्रेणियों में सर्वे कराने की तैयारी कर रहा है। इनमें ट्रांसफार्मर फुंकने की स्थिति और नए ट्रांसफार्मरों में फॉल्ट, ओवरलोड की स्थिति और रोस्टर से बिजली आपूर्ति में ज्यादा अंतर का आकलन किया जाएगा। इस सर्वे से ट्रांसफार्मरों की खामियां देखने के साथ ही यह भी देखा जाएगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किन जगहों पर बिजली भुगतान की क्या स्थिति है।
इस सर्वेक्षण में अवर अभियंताओं के साथ ही विद्युत निगम की अन्य टीमों को लगाया जाएगा। निगम की टीमों का मौजूदा अनुमान यह है कि देहात क्षेत्र में सप्ताह में तीन और शहर क्षेत्र में सप्ताह में एक ट्रांसफार्मर फुंकने की घटना हो जाती हैं। इनमें कुछ का कारण ओवरलोड माना गया है, लेकिन निगम के अफसर इसलिए चिंतित हैं कि बिजली की अधिक खपत और ओवरलोड होने के बावजूद रामपुर मनिहारान, गंगोह, नकुड़ सहित अन्य क्षेत्रों के अधिकतर गांवों में उम्मीद के अनुरूप राजस्व ही नहीं आ रहा है।
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खामियां दूर कर क्षमता वृद्धि की जाएगी
- निगम की ओर से ये सर्वे कराने के बाद ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। इसके साथ ही लाइनों में आने वाले फॉल्ट की फ्रिक्वेंसी कम करने के प्रयास किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर होने वाले हंगामों को कम किया जा सके।
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ज्यादा राजस्व दिलाने वाले क्षेत्रों में मिलेेगी ज्यादा बिजली
- विद्युत निगम के नगरीय अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रांसफार्मरों और लाइनों की खामियों को दुरुस्त करने के साथ ही राजस्व वसूूली पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में राजस्व वसूली ज्यादा मिलेगी, वहां आपूर्ति को बढ़ाया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में 20 फीसदी से अधिक राजस्व मिलता है तो वहां 18 घंटे के रोस्टर से ज्यादा बिजली दी जा सकती है। इसमें उपभोक्ताओं से भी अपेक्षित सहयोग जरूरी है।