विद्युत निगम की राजस्व वसूली में 32.88 लाख की हेराफेरी
बेहट (सहारनपुर)। विद्युत वितरण खंड बेहट में विद्युत निगम की राजस्व वसूली में वित्तीय अनियमितता सामने आई है। दो साल में की गई राजस्व वसूली के 32 लाख 88 हजार 858 रुपये की धनराशि खाते में जमा ही नहीं कराई गई है। कैश बुक की प्रविष्टि से बैंक राजस्व खाते का मिलान करने पर यह हकीकत सामने आई। लाखों की हेरोफेरी की आशंका को देखते हुए तत्कालीन कैशियर और मौजूदा अवर अभियंता सतेंद्र कुमार राणा को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सतेंद्र राणा इस समय विद्युत वितरण खंड अमरोहा में तैैनात हैं।
राजस्व वसूली के सत्यापन के दौरान विद्युत वितरण खंड बेहट के बैंक राजस्व खाते में 8 मई 2018 से 10 जून 2020 तक जमा कराई गई धनराशि का आंकलन किया गया। कैश बुक में धनराशि प्रविष्टि का मिलान हुआ। इसमें तत्कालीन कैशियर सतेंद्र कुमार राणा द्वारा संग्रहित किए गए 32 लाख 88 हजार 858 रुपये की धनराशि का बैंक राजस्व खाते से मिलान नहीं हो पाया। गबन की आशंका को देखते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस मामले में विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता योगेंद्र सिंह की ओर से अमरोहा में तैनात अवर अभियंता को पत्र भेजा गया है।
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वित्तीय लेनदेन का हिसाब न मिला तो होगी रिकवरी
- विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता योगेंद्र सिंह का कहना है कि 2018-19 के कार्यकाल के दौरान कैशियर रहे और मौजूदा अवर अभियंता सतेंद्र कुमार राणा ने यदि लेनदेन के बारे में हिसाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ विभागीय जांच के साथ ही रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। सतेंद्र कुमार को दो दिन में ही उनके कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर राजस्व गबन का दोषी मानते हुए उनसे ब्याज सहित धनराशि वसूली जाएगी।