सहारनपुर। प्रभु यीशु मसीह के मृत्यु पर विजय पाने के पर्व ईस्टर के अवसर पर चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं। ईसाई समुदाय के लोग हाथों में कैंडल लेकर प्रभु यीशु मसीह का गुणगान करते हुए निकले। यह प्रभात फेरी सुबह साढ़े चार बजे से निकाली गई।
सैंट थॉमस चर्च में फादर डेनियल मसीह ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने मानव जाति के पापों की क्षमा के लिए अपने प्राण गुड फ्राइडे के दिन त्यागे। मानव जाति समय-समय पर अपने प्राणों की बली चढ़ाती आई है, मगर यीशु मसीह ने स्वयं बलिदान देकर सभी प्रकार के बलिदानों की बली अपने द्वारा संपूर्ण कर ली। संडे स्कूल के बच्चों ने नाटक का मंचन कर प्रभु यीशु के जीवन को दर्शाया। इस दौरान डोमनिक, अविरल, आयुष, आकाश, अभिषेक, महिमा, जहाना, जैनुअल, जैरिन, एजल, तान्या, अनमोल, मयंक आदि उपस्थित रहे।
उधर, सीक्रेट हार्ट चर्च में भी ईस्टर पर्व मनाया गया। फादर मुकेश और फादर तारसिस ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह को शुक्रवार के दिन कब्र में रखा गया था। मगर उनके शिष्य जब कब्र पर पहुंचे तो कब्र खुली हुई थी। उसमें उनका शरीर नहीं था। उन्होंने ईस्टर पर्व के महत्व की जानकारी दी। इस मौके पर सिस्टर एलसी, सिस्टर श्वेता, अर्चना, पूनम, प्रिया, सैरोन, डेविड, एंजला, टोनी, रोजी, सतीश, वर्षा आदि मौजूद रहीं।