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आठ कैदियों को नहीं मिलेगी समय पूर्व रिहाई

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जिला कारागार का निरीक्षण करने के बाद लौटते डीएम अखिलेश सिंह, एसएसपी डॉ. एस चनप्पा सहित अन्य। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। डीएम अखिलेश सिंह और एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने शनिवार शाम जिला कारागार का निरीक्षण किया। इसके बाद जेल में सजा के दौरान आचरण के आधार पर समय पूर्व रिहाई के लिए गठित समिति की बैठक की गई। इसमें पेश किए गए आठ कैदियों के प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए। समिति ने उनकी उम्र और भविष्य में अपराध की संभावना का आकलन करते हुए यह निर्णय लिया। समिति में डीएम और एसएसपी के अलावा वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा और जिला प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार शामिल रहे।
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समय पूर्व रिहाई के लिए प्रस्ताव रखने वाले कैदियों में सात ऐसे हैं जो हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, जबकि एक जानलेवा हमले में पांच साल की सजा वाला कैैदी है। इनकी उम्र 35 से 62 साल तक की है।
समय पूर्व रिहाई के लिए इनके रखे गए थे प्रस्ताव
1- सईद उर्फ शाहिद रसूलपुर कोतवाली देहात, सहारनपुर - 38 साल, हत्या में आजीवन कारावास
2- जालिम उर्फ जाहिद, रसूलपुर कोतवाली देहात, सहारनपुर- 39 साल, हत्या में आजीवन कारावास
3- सुशील निवासी खैरसाल, थाना गंगोह, सहारनपुर - 44 साल, हत्या में आजीवन कारावास
4- गुलबहार, कलालटी, थाना फतेहपुर, सहारनपुर-35 साल, हत्या में आजीवन कारावास
5- इफराइम, हबीब कालोनी, कोतवाली देहात, सहारनपुर, 42 साल, हत्या में आजीवन कारावास
6- राजेंद्र, घाटेड़ा, थाना रामपुर मनिहारान, सहारनपुर, 61साल, हत्या में आजीवन कारावास
7- सुरेंद्र, झबीरण, थाना बड़गांव, सहारनपुर- 62 साल, जानलेवा हमले में पांच साल कारावास
8- सतीश, पिलखनी, थाना सरसावा, सहारनपुर-43 साल, हत्या में आजीवन कारावास
जेल में कोरोना से बचाव के लिए चेताया
- निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल में बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चेताया। उन्होंने कहा कि अनलॉक पीरियड में बंदिशों से छूट के बावजूद सावधानियां बरतने में लापरवाही न की जाए।
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पूर्व विधायक की रिपोर्ट नेगेटिव, क्वारंटीन रहेंगे
- वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जिला जेल में बंद भदोई के पूर्व विधायक उदयभान की कोरोना रिपोर्ट अब नेगेटिव आई है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें क्वारंटीन पर ही रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में भदोई के गोपीगंज में तिहरे हत्याकांड में पूर्व विधायक का नाम आया था और वर्ष 2001 में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। तीन साल पहले उन्हें इस जेल में लाया गया था। पिछले 18 अक्तूबर को वह इलाहाबाद की कोर्ट में पेशी पर गए थे, तभी संक्रमित हो गए थे। इसके बाद उन्हें ग्लोकल कोविड में भर्ती कराया गया था।
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