बच्ची की मौत के बाद थाना जनकपुरी में मृतक बच्ची को लेकर विलाप करते परिजन
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सहारनपुर। जनकपुरी थाना क्षेत्र में निजी चिकित्सक के यहां उपचार के बाद घर ले जाने के दौरान बीमार बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए जनकपुरी थाने में हंगामा किया। क्लीनिक पर मौजूद चिकित्सक पर बिना डिग्री के लोगों का उपचार करने का आरोप लगाया। आरोपी के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मूंगागढ़ निवासी दिनेश का कहना है कि उसकी आठ माह की बेटी रीत बीमार थी। जिसका उपचार कराने के लिए वह सोमवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे बेरीबाग स्थित क्लीनिक पर गया। दिनेश का आरोप है कि क्लीनिक में चिकित्सक की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति ने उसकी बेटी को कुछ दवाइयां दीं और इंजेक्शन भी लगाया। आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद से ही उसकी बेटी की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। वह अपनी बेटी को घर लेकर पहुंचे, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। वह उसे वापस चिकित्सक के यहां ले जाने लगा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई।
बच्ची की मौत होने के बाद परिजन शव लेकर मोहल्ले के लोगों के साथ जनकपुरी थाने पहुंचे और चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि जिस चिकित्सक का क्लीनिक है, उसकी मौत हो चुकी है। उसके नाम का फायदा उठाकर एक व्यक्ति खुद को डाक्टर बताकर फर्जी तरीके से लोगों का उपचार कर रहा है और लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने आरोपी पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
इसके बाद पुलिस ने क्लीनिक पर मौजूद दो लोगों को थाने बुलवा लिया। लोगों ने आरोप लगाया कि थाने में आरोपी वीआईपी की तरह रहे। पुलिस ने उनसे भली प्रकार पूछताछ तक नहीं की, जबकि पीड़ित बच्ची के परिजन बाहर विलाप कर रहे हैं, उनकी सुनवाई नहीं हो रही। इस मामले को लेकर लोगों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई।
डिग्री की जांच कराई जाएगी
जनकपुरी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि चिकित्सक द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने से बच्ची की मौत होने का परिजन आरोप लगा रहे हैं। आरोपी चिकित्सक पर एक डिग्री है। जिसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल चिकित्सक एवं कंपाउंडर से पूछताछ की है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।