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गांव टिकरौल में रजवाहे की पटरी टूटी, आठ सौ बीघा फसल जलमग्न

Sun, 02 Oct 2016 04:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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गंगोह में टूटे रजवाहे की पटरी का पानी रोकने का प्रयास करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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नानौता में  ग्राम टिकरौल में रजवाहे की पटरी टूटने से किसानों की करीब 800 बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग से नुकसान के मुआवजे की मांग की।
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   क्षेत्र के ग्राम सीजूड-हंगावली शाखा से एक रजवाहा ग्राम टिकरौल से होकर बरसी होते हुए तीतरो की ओर जा रहा है। शुक्रवार रात करीब 11 बजे रजवाहे की पटरी ग्राम टिकरौल के क्षेत्र में टूट गई। पटरी टूटने से ग्राम टिकरौल के सचिन की 25 बीघा, नवीन की 15, कुलदीप की 20, कंवरपाल की 10, सिद्धार्थ की 20 बीघा, तेजपाल सिंह की 20 बीघा, पद्म सिंह की 60 बीघा, मून्नू की 15 बीघा, सतबीर सिंह की 10 बीघा, चिंकू की 50 बीघा, सुभाष की 10 बीघा, अजीत की 22 बीघा, बिल्लू की 20 बीघा, बिनोद की 10 बीघा, भजपाल सिंह की 10 बीघा, राजकुमार की 20 बीघा सहित ग्राम बरसी और बहलोलपुर के किसानों की करीब 800 बीघा फसल जलमग्न हो गई। पानी आने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
   सचिन और चिंकू ने बताया कि पटरी टूटने की सूचना सुबह की पतरोल को दे दी गई लेकिन रजवाहे में लगातार पानी आ रहा है। किसानों ने विभाग से बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग की है।
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  वहीं, इस संबंध में पतरोल अरुण कुमार ने बताया कि सुबह उनके पास ग्राम टिकरौल से फोन आया था। जिस पर मौके पर पहुंचकर रजवाहे की पानी बंद करा दिया था, लेकिन 6 घंटे तक पानी रजवाहे में आता रहता है। पानी धीरे-धीरे ही बंद होगा। पानी बंद होने पर पटरी को ठीक करा दिया जाएगा। 
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