सहारनपुर में सुप्रीम कोर्ट से झटका पाए समायोजित शिक्षामित्र मंगलवार को सड़क पर उतर आए। बीएसए कार्यालय से जुलूस के रूप में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां राज्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की। ज्ञापन देने के बाद शिक्षामित्र दोबारा बीएसए कार्यालय पहुंचे और धरना दिया।
मंगलवार को धरना दे रहे शिक्षामित्रों से ज्ञापन लेने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार पहुंचे। उन्होंने शिक्षामित्रों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे नहीं माने।
शिक्षामित्रों की मांग थी कि राज्य मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी बीएसए कार्यालय पहुंचकर उनसे ज्ञापन लें। बाद में तय हुआ कि मंत्री पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर मिल सकते हैं। इसके बाद तमाम शिक्षामित्र हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में बीएसए कार्यालय से पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे।
इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स जुलूस के साथ रही। शिक्षा मित्रों ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में डॉ. धर्म सिंह सैनी को ज्ञापन सौंपा। इसके माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की।
शिक्षामित्रों ने कहा कि यदि उनकी वापसी नहीं होती है तो डेढ़ लाख से अधिक परिवारों पर इसका बुरा असर पड़ेेगा। आरोप लगाया कि सरकार की संवेदनहीनता की वजह से 20 से अधिक साथी अपनी जान गवा चुके हैं।
मंत्री ने शिक्षामित्रों को आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ है लेकिन कोर्ट का निर्णय है। इसलिए ऐसे में व्यवस्था बनाने में थोड़ा समय लगेगा, मगर सरकार मामले को लेकर काम कर रही है।
ज्ञापन देने वालों में आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष अंजु कश्यप, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार, अहसान, संजय शर्मा, अमित, शबाना, सुमन, रितु, रीना, अप्पू, संगीता, धर्मवीर, परवेज, रइस, सादिक, सुरेश आदि शामिल रहे। उधर, आर्य जाट समाज कल्याण समिति के महासचिव सत्यपाल सिंह और सचिन चौधरी ने शिक्षा मित्रों के आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया।