सहारनपुर। शहर में चौराहों और सड़कों पर बेतरतीब तरीके से चल रहे टेंपो और ई-रिक्शा स्टैंड लोगों की राह में बाधक बन रहे हैं। इनकी वजह से घंटाघर जैसे महत्वपूर्ण चौक पर प्रतिदिन जाम रहता है। शहर के स्मार्ट सिटी में चयन के बाद भी टेंपो और ई-रिक्शों के लिए शहर से बाहर स्टैंड की ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी है।
ई-रिक्शों के आने के बाद शहर से 95 फीसदी सामान्य रिक्शा सड़कों से गायब हो गई हैं। खास बात यह है कि पांच वर्ष पहले सड़कों पर जितनी सामान्य रिक्शा थी अब उससे अधिक ई-रिक्शों की संख्या उनसे अधिक पहुंच चुकी है। जिसकी वजह से तमाम बाजार और सड़कों पर जाम है। जाम में सबसे अधिक संख्या ई-रिक्शा ही नजर आती हैं। मुद्दे की बात यह है कि संबंधित विभाग इन ई-रिक्शों के लिए स्टैंड की व्यवस्था नहीं कर सके हैं। वर्तमान में नगर में ई-रिक्शों की संख्या 1500 से 2000 के बीच है। इसी प्रकार टेंपो की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अकेले शहर में करीब 2,500 टेंपो चल रहे हैं। टेंपो और ई रिक्शों के स्टैंड सड़कों पर से चल रहे हैं। घंटाघर सहित नगर में करीब एक दर्जन जगह ऐसी हैं, जहां टेंपो और ई रिक्शाें के अवैध स्टैंड बने हैं। दिन भर इनकी वजह से चौराहों और बाजारों में जाम रहता है।
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जिले में पंजीकृत टेंपो और ई- रिक्शा
- जिले में संचालित ई-रिक्शा - 3100
- जिले में संचालित टेंपो - 4500
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व्यवस्था भी हुई फेल
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात विभाग की ओर से वर्ष 2020 में टेंपो और ई-रिक्शाें के रूट तय किए गए थे। जिससे कि कुछ ही मार्गों पर सभी ई-रिक्शा और टेंपो न दौड़ने लगें। यह व्यवस्था कुछ समय तक चली। इसके लिए सभी टेंपो और ई-रिक्शों के पीछे पेंट से रूट भी लिखे गए थे। मगर कोरोना की दूसरी लहर के बाद व्यवस्था गड़बड़ाई है।
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यह भी एक बड़ी वजह
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के दो बस अड्डे हैं, जो शहर के बीच से संचालित हो रहे हैं। इनमें एक अड्डा रेलवे स्टेशन के बाहर से तथा दूसरा अंबाला रोड से चल रहा है। बसों से आने वाली सवारियों के लिए तमाम टेंपो और ई-रिक्शा इनके आसपास ही रहते हैं, जिससे अधिक से अधिक सवारियां मिलें और उनकी कमाई बढ़ सके। बीते तीन साल से बस अड्डों को शहर से बाहर करने की तैयारी चल रही है, लेकिन अभी तक नहीं हुए हैं। एक अड्डे के लिए मानकमऊ में जगह चिह्नित कर ली गई है, जिसे समतल भी किया जा चुका है। दिल्ली रोड पर बनने वाले अड्डे के लिए कोई तैयारी नहीं की गई है।
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बस अड्डों को शहर से बाहर किया जा रहा है, जिसके लिए नोटिस दिया जा चुका है। इसके अलावा हम ई-रिक्शों और टेंपो के लिए स्टॉपेज की व्यवस्था भी करने जा रहे हैं, जिसके बाद सड़कों पर चलने वाले स्टॉपेज खत्म हो जाएंगे।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।