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सड़क पर धूल का गुबार, सांसों पर संकट

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ये कोहरा नही है भाई ये कोर्ट रोड़ का मॉडल रोड़ पर रात में सड़क से उड़ती धूल में जाते वाहन और लोग - फोटो : SAHARANPUR
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सड़क पर धूल का गुबार, सांसों पर संकट
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सहारनपुर। दावा हो रहा है स्मार्ट सिटी बनाने का, मगर फैलाई जा रही है अव्यवस्था। प्रदूषण फैलने से रोकने के नियमों की परवाह तक नहीं की जा रही है। घंटाघर से कोर्ट रोड पुल तक सीवर लाइन डालने को खोदाई करके सड़क पर मिट्टी छोड़ दी गई, जो दिन में कड़ी धूप निकलने पर धूल बन जाती है। रात तक धूल का गुबार रहता है।
यह धूल से सांस सहित कई तरह की बीमारियां फैला रही है, तो कोरोना काल में तो घातक सिद्ध हो सकती है। इसके बावजूद निगम के जिम्मेदार अफसर मुंह फेर कर बैठे हैं। क्योंकि दो महीने पहले सीवर लाइन डाले जाने के बावजूद सड़क पर फैली मिट्टी नहीं हटवाई और पुन: सड़क निर्माण भी नहीं कराया।
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100 करोड़ का है प्रोजेक्ट
शहर में अमृत योजना के तहत जल निगम गहरी सीवर लाइन डालने का कार्य कर रहा है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। घंटाघर से कोर्ट रोड पुल, जीपीओ रोड, हकीकतनगर, मिशन कंपाउंड, चंद्रनगर सहित अनेक स्थानों पर सीवर लाइन डाली जा चुकी है। अंदर की कालोनियों में खोदाई के बाद सड़क का निर्माण हो गया है, लेकिन घंटाघर से कोर्ट रोड पुल तक सड़क नहीं बनाई गई है।
ये रोग होने की है आशंका
एसबीडी जिला अस्पताल के छाती रोग विशेषज्ञ डा. जी रहमान का कहना है कि धूल के कणों से कई घातक बीमारियां जन्म लेती हैं। आंखों में इंफेक्शन, हृदय रोग, फेफड़ों से संबंधित रोग, सांस संबंधित रोग होने की आशंका रहती है। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर भी धूल के कण जमा होने से ये बीमारी का कारण बन सकते हैं।
धूल के कणों के प्रभाव
- आंखों की रोशनी धुंधली हो जाती है।
- आंखों में खुजली, गले में खराश और त्वचा पर चकत्ते होने लगते हैं।
- बुजुर्गों के हृदय पर नकारात्मक प्रभाव।
- सांस में कठिनाई आने पर हार्ट अटैक की आशंका।
मार्च से अगस्त तक उड़ती है सबसे ज्यादा धूल
पर्यावरणविद डा. पीके शर्मा के अनुसार मार्च से अगस्त तक वातावरण में सबसे ज्यादा ड्राइनेस होती है। धरती की एक मीटर तक की ऊपरी परत सूख जाती है। रात की ओस भी मिट्टी को नमी प्रदान नहीं कर पाती। इससे मिट्टी के कण हवा के साथ उड़ने लगते हैं और धूल का रूप ले लेते हैं। सड़कों के किनारे की मिट्टी वाहनों के पहियों से पिस-पिस कर धूल का रूप ले लेती है। बरसात का सीजन आने पर धूल गायब होने लगती है।
व्यापारी भी दुखी
कोर्ट रोड पुल से लेकर घंटाघर के बीच दुग्ध, पनीर आदि की पांच दुकानें हैं, तो एक दर्जन से ज्यादा रेस्टोरेंट हैं। धूल के कारण तमाम व्यापारी, कारोबारी परेशान हैं। रेस्टोरेंट संचालक गुरमेहर सिंह, बेकरी संचालक राजीव कुमार, दुग्ध डेयरी संचालक अमित कुमार, फोटो स्टेट दुकान संचालक सौरभ वर्मा और हेयर ड्रेसर साजिद का कहना है कि दुकान में बैठना दुश्वार हो गया है। बाहर खड़ेे वाहनों पर भी धूल चढ़ी रहती है।
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कार्यदायी संस्था को खोदाई के बाद सड़क का पुन: निर्माण कराना है। फिलहाल निगम की तरफ से सड़क पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, ताकि धूल न उड़ने पाए।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त

े कोहरा नही है भाई ये कोर्ट रोड़ का मॉडल रोड़ पर रात में सड़क से उड़ती धूल में जाते वाहन और लोग- फोटो : SAHARANPUR

दिन में कोर्ट रोड़ पर धूल से बचने के लिये डाला गया पानी पर कारो पर जमी धूल रात की गवाई देती नजर आ रही- फोटो : SAHARANPUR

रेस्ट्रोरेंट चालक गुरमेहर सिंह- फोटो : SAHARANPUR

कोर्ट रोड़ का मिठाई विक्रेता राजीव कुमार- फोटो : SAHARANPUR

कोर्ट रोड़ का फोटोस्टेट वाला सौरभ वर्मा- फोटो : SAHARANPUR

हेयर ड्रेसर साजिद- फोटो : SAHARANPUR

कोर्ट रोड़ के दूध विक्रेता अमित कुमार- फोटो : SAHARANPUR

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