तीतरों/पुवांरका। आंधी तूफान के बाद क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा गांवों की विद्युत सप्लाई पिछले 24 घंटे से पूर्णतया ठप रहने से लोग पेयजल के लिए तरस गए हैं।
बता दें कि बृहस्पतिवार को शाम करीब 5 बजे आंधी तूफान व बरसात में पेड़ों के क्षतिग्रस्त होने के कारण लाइनों में खराबी आ गई थी। इसके कारण नगर सहित क्षेत्र के करीब 25 गांवों में सप्लाई ठप हो गई थी। उपभोक्ता नैनकुमार, सन्नी कुमार, महासिंह सैनी, भागमल सैनी, बाबूराम, इसमसिंह, नरेश चंद आदि का कहना है कि बिजली सप्लाई न आने से विद्युत आधारित सभी उद्योग धंधे, खेतों की ट्यूबवेल सहित अन्य काम प्रभावित है। साथ ही पशुओं के लिए चारे व पेयजल का संकट भी गहरा गया है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि महंगी बिजलीघर से गांव कि सप्लाई के लिए बहुत पहले पोल लगा दिए गए थे परंतु उन पर तार लगाने का काम नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, ऊर्जा निगम के अवर अभियंता रामरक्षपाल का कहना है कि लाइनों में काफी गड़बड़ी आई थी, जिसे ठीक कर लिया गया है। गांवों की लाइनों में आए फाल्ट ठीक करने में समय लग रहा है। जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
n आंधी से टीन शेड पर गिरा पेड़, बाल-बाल बचे पशु : पुवांरका में आंधी से सद्दामजरा गांव के प्राथमिक विद्यालय में खड़ा पेड़ बिजली के तारों पर अटक गया। पेड़ गिरने से पशुशाला की दीवार टूट गई, लेकिन गनीमत रही कि पशुओं की जान बच गई।