सहारनपुर। दवा व्यापारियों के गंभीर आरोपों से घिरे औषधि निरीक्षक की शासन ने जांच बैठा दी है। सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन को जांच दी गई है। जांच अधिकारी ने दवा व्यापारियों के बयान लिए है।
दरअसल, पिछले दिनों दवा व्यापारियों ने औषधि निरीक्षक के खिलाफ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था। आरोप लगाए थे कि ड्रग लाइसेंस में देरी की जा रही है। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर पर निरीक्षण के दौरान दवा व्यापारी को डराया जाता है। प्राइवेट कर्मचारी रखने, ड्रग लाइसेंस नवीनीकरण के नाम कार्यालय का चक्कर लगाने, व्यवहार ठीक नहीं करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। हरियाणा, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश की पुलिस जिले में नशीली दवा में लिप्त लोगों पर कार्रवाई कर चुकी है।
दवा व्यापारियों ने शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की गई थी। फार्मासिस्टों ने भी प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने जांच बैठा दी है, जो आरोप दवा व्यापारियों ने लगाए है वह ठीक या नहीं। सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन मामले की जांच कर रही है। अब तक कई दवा व्यापारियों के बयान भी लिए जा चुके है। बयान होने के बाद रिपोर्ट तैयार कर शासन में भेजी जाएगी। वहीं, एडीएम न्यायिक राम आसरे वर्मा ने फार्मासिस्टों के ड्रग लाइसेंस के लिए आवेदन को लेकर बयान लिए।
29जेएनडी08-नरवाना क्षेत्र में गेहूं के अवशेषों में लगाई गई आग और उठता धुंआ। संवाद