ऑक्सीटोसिन की तलाश में ड्रग विभाग ने कई स्थानों पर मारे छापे
सहारनपुर। सहारनपुर मंडल में ऑक्सीटोसिन की अवैध बिक्री पकड़ी गई है। इसके बाद सहारनपुर में भी ड्रग विभाग हरकत में आया है। दो दिन से शहर से लेकर देहात तक छापे मारे जा रहे हैं। मगर अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान दिया जाता है, मगर कुछ लोग दुधारू पशुओं से जल्दी और ज्यादा दूध लेने के लिए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल करते रहे हैं। देहात क्षेत्र के साथ ही डेयरियों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है। पशुओं को इंजेक्शन लगाने पर प्रतिबंध है, क्योंकि ऐसे पशुओं के दूध पीने से मनुष्य की सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। साथ ही इसे पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया। इसके बाद भी इंजेक्शन का इस्तेमाल रुका नहीं है। देहात के किराना की दुकानों तक पर ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन आसानी से बिकते रहे हैं। दो दिन पहले ही मुजफ्फरनगर में ऑक्सीटोसिन का गलत इस्तेमाल पकड़ा गया है। इसके बाद से सहारनपुर में भी हड़कंप की स्थिति है। ड्रग इंस्पेक्टर संदीप चौधरी दो दिन से अपनी टीम के साथ शहर से लेकर देहात तक में यह पता लगाने में जुटे हैं कि जनपद में कहीं इंजेक्शन का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है, अभी तक उनको ऐसा नहीं मिला है। उधर, बुधवार को मुजफ्फरनगर के ड्रग इंस्पेक्टर भी सहारनपुर पहुंचे थे।
मुजफ्फरनगर में ऑक्सीटोसिन का गलत इस्तेमाल होता मिला है। सहारनपुर में भी ऐसा तो नहीं है। इसके लिए हम दो दिन से लगातार प्रयास में लगे हैं, मगर हमें देहात कोतवाली क्षेत्र में कुछ अन्य प्रतिबंधित दवाएं मिली हैं। - संदीप चौधरी, ड्रग इंस्पेक्टर, सहारनपुर।