सहारनपुर में बूंदाबांदी और शीतलहर से रविवार को पारा धड़ाम हो गया। ऐसे में अचानक बढ़ी ठंडक ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
इससे एक ओर जहां किसानों के चेहरे खिल उठे, वहीं दूसरी ओर गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ने से दुकानदार भी खुश नजर आ रहे हैं। रविवार की सुबह आकाश में बादल हल्की बूंदाबांदी लेकर आए।
हालांकि यह बूंदाबांदी कुछ देर ही रही। इसके बाद पूर्वाह्न करीब 11 बजे फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। रुक-रुककर यह बूंदाबांदी अपराह्न तीन बजे तक चलती रही। दिनभर सूरज नहीं निकलने और शीतलहर चलने से लोग ठंड से कांप उठे।
ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। रविवार को पारा नीचे चला गया। ठंड के चलते लोगों का सनडे घर में ही बीता। अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उधर, अचानक से बदले मौसम के मिजाज से किसानों के चेहरे खिले हैं। किसानों का कहना है कि ठंड के कारण फसलों की ग्रोथ रुक जाती है। ऐसे में बारिश होना जरूरी है।
बारिश के बाद फसलों की ग्रोथ बढ़ जाती है। इसके अलावा ठंड बढ़ने का असर बाजार पर भी नजर आया है। गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ने से दुकानदारों के चेहरे पर रौनक है।
उधर, सुबह से रुक रुक कर हो रही बूंदाबांदी रबी फसलों के लिए वरदान साबित होगी। गेहूं और सरसों की फसल से लेकर बागों तक को इसका काफी फायदा होगा। इस मौसम में पहली बार हो रही बूंदाबांदी रबी की फसलों के लिए लाभकारी साबित होगी।
बूंदाबांदी से गेहूं, सरसों, मसूर, गन्ना, मटर से लेकर सब्जियों की फसलों में जहां सिंचाई की कमी पूरी होगी, वहीं बागों से पाले का असर धुल जाएगा। जियाउलहक, महक सिंह चौरा खुर्द, अतुल फंदपुरी आदि किसानों ने बताया कि इस बूंदाबांदी से फसलों में पानी की कमी पूरी होगी और उनसे पाले का असर कम होगा।
सके अलावा रबी फसलों में लगने वाले कीटों का प्रकोप भी कम होगा। जिला कृषि अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस मौसम में हल्की बारिश सभी फसलों के लिए फायदेमंद रहेगी।
देवबंद में कई दिनों से निकल रही गुनगुनी धूप के बाद रविवार को बूंदाबांदी होने से पारा में एकाएक गिरावट आ गई। इससे ठंड बढ़ने के कारण लोग घरों में दुबके रहे।