पारा चढ़ते ही जिले में गहराया पेयजल संकट
सहारनपुर। गर्मी की प्रचंडता बढ़ रही है। जिले में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। ऐसे में गंभीर पेयजल संकट से लोग दो चार हो रहे हैं। बहुत जगहों पर 100 फीट गहराई तक लगे हैंडपंपों के हलक सूख गए हैं और पेयजल योजनाएं भी प्यास बुझाने में नाकाफी साबित हो रही हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बेहट क्षेत्र के घाड़ इलाके और बड़गांव क्षेत्र में प्रदूषित हो चुकी हिंडन और कृष्णा नदियों से सटे गांवों के लोगों के सामने आ रही है।
तहसील बेहट क्षेत्र के घाड़ इलाके के 100 से अधिक गांवों की दो लाख की आबादी को पानी जमीन में तीन से चार सौ फीट की गहराई में मिलता है। गर्मी में स्थिति और खराब हो जाती है। हैंडपंप पानी देना बंद कर देते है। पेयजल के लिए जल निगम की पेयजल योजनाओं पर निर्भरता बढ़ जाती है, लेकिन ये सभी योजनाएं चार दशक पुरानी हैं। इनकी पाइप लाइनें जगह जगह से टूटी पड़ी हैं जिनसे आए दिन आपूर्ति बाधित रहती है। इसके अतिरिक्त मोटर खराब होने, बिजली किल्लत भी आपूर्ति बाधित करते हैं। फैजाबाद, रहणा, जानीपुर, मगनपुरा, मायापुर रूपपुर, शेरपुर पेलो, हिंदू वाला, खुवाशपुर, डाडल, रामपुर, बड़कलां, इंद्रपुर तालड़ा, नागल माफी, भूरीवाला, भागूवाला, कोठड़ी ग्राम समूह, फतेहपुर पेलियो, चांडीघेर, मोहंड आदि में तो पेयजल के लिए प्राकृतिक जल श्रोतों पर ही निर्भरता बढ़ जाती है। यहां के लोग ड्रमों में पानी भरकर बुग्गियों से गांवों तक लाते हैं।
हैंडपंप का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर, रणखंडी में कैंसर से 12 की मौत
देवबंद। नगरपालिका द्वारा श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेला मैदान में पानी की टंकी का निर्माण करने के एक साल बाद भी पेयजल आपूर्ति न होने से शिक्षक नगर, वेद विहार, वृंदावन सिटी के बाशिंदे पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। कालोनी निवासी सोनिया पाल, संयोगिता, संदीप गर्ग, अमरीश कुमार, विरोचंद, नीशु गुप्ता व ममता आदि का कहना है कि हैंडपंपों का पानी प्रदूषित हो चुका है। टंकी से पेयजल की सप्लाई चालू नहीं होने के चलते प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। रणखंडी गांव में गंदे नाले के कारण हैंडपंपों का प्रदूषित पानी कैंसर व चर्म रोग जैसी बीमारी फैला रहा है। पूर्व प्रधान दिनेश फौजी व ठा. अनिल सिंह का कहना है कि गांव में पिछले एक साल में दर्जन भर लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। यहीं हाल अन्य गांवों का भी है। जहां जल निगम की टंकियों का निर्माण नहीं हुआ, वहां के लोगों को हैंडपंपों का प्रदूषित पानी ही पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
120 फीट तक की गहराई का पानी हुआ प्रदूषित
बड़गांव। प्रदूषित हो चुकी कृष्णा व हिंडन नदी के बीच में बसे बड़गांव क्षेत्र में सबसे ज्यादा किल्लत शुद्ध पेयजल की है। गर्मी बढ़ने के साथ ही झबीरन, दल्हेड़ी, चंदपुर, शिमलाना, चिराऊ, शब्बीरपुर, सहजी, सांवतखेड़ी, बहेड़ा, नन्हेड़ा, सिसौनी, कुतबा, भगवानपुर आदि में पेयजल संकट गहराने लगा है। बड़गांव में कहने को तो एक दर्जन से भी ज्यादा हैंडपंप लगे हैं, लेकिन गर्मी शुरू होते ही इन्होंने पानी देना बंद कर दिया है। एक दो जो पानी दे भी रहे हैं, उनका पानी पीला है। सहजी गांव के बिजेंद्र सैनी बताते हैं कि 120 फीट तक की गहराई पर लगे सभी हैंडपंपों का पानी प्रदूषित हो चुका है।
दो मोहल्लों में पंप खराब, लोग पेयजल को तरसे
रामपुर मनिहारान में पांच साल पहले नपा द्वारा लगाए गए ज्यादातर फ्रिजर खराब पड़े हैं। मोहल्ला पीरजादगान, मोहल्ला इकराम में पिछले छह महीने से पंप खराब पड़े हैं। इस कारण दोनों मोहल्लों के लोगों को हैंडपंपों पर लाइनों में लगकर पानी भरना पड़ रहा है। सभासद नदीम अहमद और सभासद कर्म सिंह का कहना है कि शिकायत के बाद भी समस्या का हल नहीं हुआ। सीएचसी परिसर सहित 12 जगहों पर लगे हैंडपंप खराब पड़े हैं। नपा के ईओ रामचंद्र मौर्य ने बताया कि दोनों मोहल्लों के लिए एक बड़ा पंप लगाने की योजना बनाई जा रही है। इनके लिए जगह नहीं मिल रही है। गांव शेरपुर, शिवपुरी, चकवाली, डकरावर कलां आदि में भी हैंडपंप खराब पड़े हैं। चकवाली ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नकुल चौधरी ने बताया कि गांव में पांच हैंडपंप रिबोर कराए गए हैं। पानी की टंकी के लिए विधायक देवेंद्र निम द्वारा जलनिगम को प्रस्ताव भेजा गया है।
मिर्जापुर के गांव शाहपुर गाड़ा में राजबाहे से बोगी में पानी भरकर लाते किशोर- फोटो : SAHARANPUR
देवबंद में भायला रेलवे क्रॉसिंग के पास खराब पड़ा हैंडपंप- फोटो : SAHARANPUR