उत्तर प्रदेश की सियासी घमासान से ठीक पहले अपनी जमीन मजबूत करने के लिए सहारनपुर की सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय रैली में रविवार को पहुंची पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कांग्रेस, भाजपा और सपा पर जमकर निशाना साधा।
बारी-बारी से इनके खिलाफ जमकर मोर्चेबंदी की और एक-एक कर इन पार्टियों का खिलाफ वार किया। केंद्र की भाजपा सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि विकास और जनहित के एजेंडे की बजाय मोदी सरकार आरएसएस की नीतियों पर चल रही है। लोकसभा चुनाव में दिखाए गए अच्छे दिनों का सपना बुरे दिनों में तब्दील हो चुका है।
कांग्रेस पर आग उगलते हुए कहा कि इस पार्टी की हालत इतनी खराब है कि हाईकमान को ही पदयात्रा और खाटयात्रा करनी पड़ रही है। मायावती ने अपने धुरविरोधी सत्ताधारी समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। आजम खान का नाम लिए बगैर कहा कि बाबा साहब की उंगली पर बड़बोले मंत्री का बयान उनका अपमान है। संविधान के निर्माता के अपमान पर मुख्यमंत्री की चुप्पी से साफ है कि इसमें उनकी शह है। अपने एक घंटे 32 मिनट के भाषण में बसपा सुप्रीमों ने कांग्रेस और भाजपा को पूंजीपतियों का हितैषी बताया तो सपा को गुंडों-अपराधियों की पार्टी करार दिया।
तीखी धूप में गश्त कर रही हवाओं के बीच रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बेहद सधे अंदाज में अपने विरोधियों से एक-एक कर निपटी। भाषण की शुरुआत उन्होंने जनता के अभिवादन से की और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा-सपा के अंदरुनी गठजोड़ से होने वाले षडयंत्र से आगाह किया। भीड़ से उत्साहित मायवती ने कहा कि भीड़ ने यह साबित कर दिया है कि अगर कांग्रेस, भाजपा और सपा तीनों मिल जाएं तो भी हाथी को लखनऊ पहुंचने से नहीं रोक पाएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, भाजपा और सपा का चाल, चरित्र, चेहरा और नीयत को जनता समझ चुकी है। आजादी के बाद से 37 साल तक कांग्रेस ने यूपी पर राज किया। मगर अपनी गलत नीतियों के चलते यूपी और कुछ समय से केंद्र की सत्ता से बाहर है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अपर कास्ट को आर्थिक आरक्षण के वादे पर कटाक्ष किया और कहा कि 54 साल तक कांग्रेस सरकार में रही तब क्यों नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी अपर कास्ट के साथ मुस्लिम और अन्य संप्रदाय के लोगों के लिए आर्थिक आरक्षण की मांग करती रही है। किसानों के कर्जमाफी पर कहा कि एसी में बैठे किसानों का कर्ज माफ हुआ है, जबकि गरीब किसान बदहाल है।
भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि केंद्र में सरकार बनने के बाद जमीन अधिग्रहण कानून ही बदल दिया। औने-पौने दामों में किसानों से जमीन लेकर पूंजीपतियों को सस्ती दरों पर जमीन पर दे दिया। कांग्रेस की तरह ही भाजपा भी पूंजीपतियों की हितैषी है। दोनों के शासनकाल में जो योजनाएं शुरू हुई वह धन्ना सेठों के लाभ के लिए रही।
कालेधन को वापस लाकर हर खाते में 15 लाख रुपए पहुंचने का भाजपा का वादा दिलाते हुए कहा कि अब देश में ही कालाधन सफेद किया जा रहा है। कांग्रेस की तरह ही भाजपा के राज में ललित मोदी, व्यापम घोटाला, विजय माल्या कांड ने साबित कर दिया कि इस सरकार में भी भ्रष्टाचार की जड़े गहरी हैं। उन्होंने कहा कि दलितों को पीएम की सहानुुभूति और हमदर्दी नहीं चाहिए बल्कि समानता और बराबरी का अधिकार चाहिए।
मुस्लिमों को रिझाने के लिए भाजपा पर जमकर बोला, जब से भाजपा सरकार बनी है मुस्लिमों से सौतेला रवैया अपनाया जा रहा है और उन्हें शक से देखा जा रहा है। इसके बाद प्रदेश की सपा सरकार को कानून व्यवस्था पर घेरते हुए कहा कि अपराध, अराजकता और सांप्रदायिकता के लिए जाने जानी वाली पार्टी के राज में इस बार चोरी, डकैती, हत्या, लूट, गुंडागर्दी और जमीनों पर कब्जे हुए।
मुजफ्फरनगर दंगे, दादरी कांड और बुलंदशहर कांड को भुलाया नहीं जा सकता। इस सरकार में कुत्ते और भैंस खोज लिए जाते हैं मगर अपराधियों पर शिकंजा नहीं कसता। यह सरकार इंसानों की नहीं जानवरों के लिए है। ऐसे में इसे जंगली सरकार कहा जा सकता है।
मुलायम और अखिलेश पर वार करते हुए कहा कि बाबा साहब ने संविधान में बराबर का अधिकार दिया नहीं तो इटावा और सैफई में गाय-भैंस चराते। मायावती ने मीडिया पर निशाना साधा और कुछ मीडिया घरानों पर विरोधियों को मदद पहुंचाने का आरोप लगाया।